फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: नहीं हटी टर्नओवर की शर्त, सरकारी खरीद से फिर छोटे दवा उद्यमी बाहर, बड़ी कंपनियों को पहुंचाया जा रहा फायदा

Sun, 28 May 2023 09:00 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

नए टेंडर में भी बीस करोड़ के कारोबार की शर्त बरकरार होने से छोटे दवा उद्यमियों को बड़ा झटका लगा है। टर्नओवर की शर्त नहीं हटी है। दवा उद्यमियों ने कहा कि बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दवाओं की सरकारी खरीद में एमएसएमई सेक्टर से जुड़े दवा निर्माताओं को कोई राहत नहीं मिली। सरकारी दवा खरीद में केवल वही दवा निर्माता हिस्सा ले सकेंगे, जिनका सालाना टर्नओवर पांच करोड़ से बीस करोड़ रुपये होगा। वहीं खाने वाली दवाओं में ये सीमा बीस करोड़ रुपये है और बाहर लगाने वाली दवाओं के लिए ये सीमा पांच करोड़ रुपये है। 
विज्ञापन


इस पर दवा निर्माता संगठन फार्मा मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ने कहा है कि लाख प्रयासों के बाद भी विभाग ने टर्नओवर की शर्त बहाल रखी है। यही हाल रहा तो लघु दवा उद्यम खत्म हो जाएगा। इस मुद्दे पर दवा उद्यमियों ने पिछले साल 22 जुलाई को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात की थी। 

उन्होंने आश्वस्त किया था कि सरकारी खरीद में छोटे दवा उद्यमियों को भी मौका मिलेगा। बाद में उद्यमियों ने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर उन्हें समस्याओं से अवगत कराया था। लेकिन, विभाग के अड़ियल रुख से उद्योग बेहाल हैं।
विज्ञापन


एसोसिएशन के महामंत्री महासचिव अतुल सेठ ने कहा कि पांच करोड़ से बीस करोड़ टर्नओवर की सीमा तय करते ही टेंडर में गिने चुने बड़े खिलाड़ी ही हिस्सा लेंगे। एमएसएमई उद्यमी हिस्सा लेगा तो सस्ती दवा का टेंडर भरेगा। इसीलिए उन्हें हिस्सा ही नहीं लेने दिया जा रहा है। संगठन ने पहले ही विभाग को प्रस्ताव दिया था कि बड़ी कंपनियों को आर्डर का 60 फीसदी और शेष 40 फीसदी का आर्डर एमएसएमई को दिया जाए, लेकिन ताजा टेंडर ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

मैने कुछ समय पहले ही जिम्मेदारी संभाली है। सरकारी खरीद में टर्नओवर से जुड़ी उद्यमियों की मांग को सोमवार को देखूंगा कि अभी तक इस मामले में क्या प्रगति है। -एस के चौरसिया, ड्रग कंट्रोलर
विज्ञापन

एमएसएमई सेक्टर के विकास को लेकर सरकार बेहद संवेदनशील है। लेकिन, अफसरशाही इसमें रोड़ा बनी है। टर्नओवर की शर्त बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए अफसरों ने लगाई है। इस मामले में राहत का आश्वासन दिया गया था, लेकिन ताजा टेंडर में पुरानी शर्तें ही थोप दी गई हैं। -अतुल सेठ, महामंत्री, फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें