फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रवृत्ति घोटाला: हाइजिया के चेयरमैन लकी जाफरी के खिलाफ जारी होगा लुकआउट सर्कुलर, जांच में पत्नी भी नहीं...

Sun, 28 May 2023 08:51 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

छात्रवृत्ति घोटाले में हाइजिया के चेयरमैन लकी जाफरी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी होगा। जांच में जाफरी की पत्नी भी सहयोग नहीं कर रही है। ईडी आरोपी बनाने की तैयारी में है। दो दिन पहले ईडी की टीम ने लकी के घर जाकर पत्नी को समन थमाया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छात्रवृत्ति घोटाले में हाईजिया ग्रुप के चेयरमैन सईद इशरत हुसैन जाफरी उर्फ लकी जाफरी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लुकआउट सर्कुलर जारी करने की तैयारी में है, ताकि उसे देश भर में तलाशने की कवायद शुरू की जा सके। ईडी के कई बार समन देने के बावजूद लकी जाफरी जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हो रहा है। 
विज्ञापन


उसकी पत्नी रचना उर्फ सारा भी जांच में सहयोग नहीं कर रही है। सूत्रों की मानें तो रचना के बैंक खातों में तमाम संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं, इस वजह से उसे भी घोटाले में आरोपी बनाया जाएगा। बताते चलें कि राजधानी स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत के जज अजय विक्रम सिंह ने लकी जाफरी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करने के साथ उसे जांच एजेंसी के सामने पेश होकर विवेचना में सहयोग करने का आदेश दिया था। 

इसके बावजूद लकी जाफरी ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को लकी जाफरी को पेश होने के लिए समन देने के लिए जब ईडी के सदस्य उसके आवास पर पहुंचे, तो वहां मौजूद उसकी पत्नी रचना उर्फ सारा ने समन लेने से इन्कार कर दिया। उसने ईडी अफसरों को दबाव में लेने का प्रयास किया और अपने पति को बेगुनाह बताते हुए हंगामा करने लगी। इस पर ईडी अधिकारी समन चस्पा कर वापस आ गए।
विज्ञापन


तीन जिलों से जुटाते थे दिव्यांग, लकी जाफरी करता था संबोधित
जांच में सामने आया है कि छात्रवृत्ति को हड़पने के लिए हाइजिया के एजेंट लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज के गांवों में जाकर दिव्यांगों को चिन्हित करते थे। उनको मुफ्त पढ़ाने और 15 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति का लालच देकर बसों से हाइजिया कॉलेज लाते थे। उनका हाईस्कूल का अंकपत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और आधार कार्ड लेने के बाद कॉलेज में दाखिले समेत कई फार्म भरवाए जाते थे। 
विज्ञापन

इस दौरान चुपके से छात्रवृत्ति के फॉर्म में भी हस्ताक्षर कराए जाते थे। ईडी के समक्ष प्रयागराज निवासी बबलू ने बयान दिया कि कॉलेज में ही बैंक खाता खुलवाने के बाद लकी जाफरी दिव्यांगों को संबोधित करता था और उनकी हस्ताक्षर की हुई चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड जमा करा लेता था। एक साल बाद जब वे परीक्षा देने आते थे, तो पहले से लिखी हुई उत्तर पुस्तिकाओं में उनके हस्ताक्षर करवाने के बाद वापस भेज दिया जाता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें