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बेसन के बजाय हल्दी मिले आटे से बन रही केजीएमयू में मरीजों की रोटी

Fri, 02 Feb 2018 09:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : डेमो
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केजीएमयू के शताब्दी हॉस्पिटल में निजी संस्था द्वारा संचालित किचन में बेसन की जगह हल्दी मिले आटे के इस्तेमाल की शिकायत सामने आई है। इसकी शिकायत डाइटीशियनों ने केजीएमयू प्रशासन से की मगर मामले को दबा दिया गया।

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केजीएमयू प्रशासन ने दो साल पहले मरीजों के लिए बनने का जिम्मा एक निजी संस्‍था को सौंपा था। यहां करीब तीन हजार मरीजों के लिए खाना बनाया जाता है। यहां कार्यरता तीन डायटीशियन मरीजों के खाने की डाइट तय करती हैं।

खाने में मिलावट की जानकारी होने पर डायटीशियन ने इसकी शिकायत किचन इंचार्ज से लिखित तौर पर की है। डाइटीशियनों का कहना है कि निजी संस्था मिलावटी खाना मरीजों को परोसकर उनकी सेहत से खिलवाड़ कर रही है।
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डायटीशियनों ने बेसन न होने पर आटे में हल्दी मिलाकर बेसन की रोटी बनाए जाने का आरोप लगाया है। मामला खुलने के बाद केजीएमयू प्रशासन में खलबली मची हुई है, लेकिन निजी संस्था को फायदा पहुंचाने के लिए मामले को दबाया जा रहा है।

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निजी संस्था को सौंपते ही लागत दो गुना बढ़ी

शताब्दी में चल रही किचन पहले सरकारी कर्मचारियों के द्वारा संचालित होती थी। तब खर्च करीब 35 लाख रुपए आता था। मगर साल भर पहले किचन को निजी संस्था को सौंप दिया गया। इसमें अब मरीजों की तादाद न बढ़ने के बाद भी खर्च करीब 80- 90 लाख रुपए आ रहा है।
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