गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के बहाने एक बार फिर माहौल गर्म करने की कोशिश शुरू हो गई है। कासगंज में तिरंगा यात्रा निकालने की प्रशासन की ओर से अनुमति न दिए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी हुई है। इस मामले में अब तक दो लोगों को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार कासगंज में पिछले साल की तरह एक बार फिर तिरंगा यात्रा निकालने की मांग विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों ने की थी। कासगंज जिला प्रशासन ने इन संगठनों की मांग को ठुकरा दिया जिसके बाद अब सोशल मीडिया जंग शुरू हो गई है।
अनुमति न दिए जाने के बाद भी तिरंगा यात्रा निकालने को लेकर प्रचार करने वाले विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं को कासगंज पुलिस ने शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कासगंज के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई अलग-अलग जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तिरंगा यात्रा निकाले जाने की अनुमति मांगी गई थी।
अधिकतर स्थानों पर इसे जिला प्रशासन ने किसी नई परंपरा की शुरुआत न होने देने का हवाला देकर इसकी अनुमति नहीं दी है। ऐसे में अब उक्त संगठनों ने सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है जिसे लेकर डीजीपी मुख्यालय भी सतर्क हो गया है।
मालूम हो कि पिछले वर्ष कासगंज में तिरंगा यात्रा को लेकर विवाद हो गया था जिसमें चंदन नाम के युवक की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद चंदन का परिवार मुख्यमंत्री से भी मिला था। अब इसी तिरंगा यात्रा को दोबारा निकाले जाने की मांग स्थानीय नेताओं की ओर से की जा रही है। सोशल मीडिया पर चंदन की तस्वीरों के साथ पोस्टर साझा किए जा रहे हैं। मामला संवेदनशील होने की वजह से इस मामले में कोई अधिकारी खुल कर बोलने को तैयार नहीं है।