भारतेंदु नाट्य अकादमी में मंगलवार को विद्यार्थियों के बीच लाेकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी एक
लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी में मंगलवार को विद्यार्थियों के बीच लाेकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी एक शिक्षक की भूमिका में नजर आईं। कथा गायिकी और कलाओं में लोकतत्व विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में उन्होंने प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को बताया कि हमें कथाओं के भीतर छिपी आत्मा को देखने का प्रयास करना चाहिए, किसी भी कलाकार के लिए यह बेहद जरूरी है।
व्याख्यान के दौरान मालिनी अवस्थी ने कहा कि हमारे लोक जीवन के सबसे बड़े नायक भगवान श्रीराम हैं। लोकगीतों में भी उन्हीं का उदाहरण सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। छियो राम छियो... लोकगीत सुनाकर उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति घाट पर कपड़े धोते समय इस गीत को गा रहा है जिससे इस गीत की तारतम्यता में वह अपनी थकान को भी भूल जाता है।
तकरीबन दो घंटे चली कक्षा में मालिनी अवस्थी ने अपने गुरुओं और गायिकी के सफर के अनुभवों को भी विद्यार्थियों से साझा किया। इस दौरान बीएनए के अध्यक्ष रतिशंकर त्रिपाठी, बीएनए के निदेशक बिपिन कुमार, प्रशिक्षक डॉ. सुमित श्रीवास्तव, शुभदीप राहा, रंगमंडल प्रबंधक प्रिवेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
भारतेंदु नाट्य अकादमी में मंगलवार को विद्यार्थियों के बीच लाेकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी एक
भारतेंदु नाट्य अकादमी में मंगलवार को विद्यार्थियों के बीच लाेकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी एक
भारतेंदु नाट्य अकादमी में मंगलवार को विद्यार्थियों के बीच लाेकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी एक