फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: जानिए सरकारी डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने पर एक करोड़ जुर्माने की खबर का सच

Sat, 12 Dec 2020 07:07 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

शनिवार सुबह से ही एक खबर कई मीडिया पोर्टल्स और सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है। खबर है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गांवों में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब पीजी करने वाले डॉक्टरों को कम से कम 10 साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देनी पड़ेंगी। अगर उन्होंने बीच में नौकरी छोड़ी तो उन पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, अगर कोई डॉक्टर बीच में पीजी कोर्स छोड़ता है तो उसे तीन साल के लिए डिबार कर दिया जाएगा।

विज्ञापन


इस पर 'अमर उजाला' ने पड़ताल की तो पता चला कि ये आदेश 2017 में ही पारित किया जा चुका है।

इस खबर की जानकारी एएनआई ने भी ट्वीट कर दी। एएनआई ने ट्वीट किया कि अब पीजी करने वाले डॉक्टरों को कम से कम 10 साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देनी पड़ेंगी। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर कोई डॉक्टर बीच में पीजी कोर्स छोड़ता है तो उसे तीन साल के लिए डिबार कर दिया जाएगा।

हालांकि, एएनआई हिंदी ने इससे कुछ अलग ट्वीट किया। ट्वीट में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश अमित मोहन प्रसाद के हवाले से कहा गया है कि कुछ लोगों से सूचना मिली कि सोशल मीडिया पर एक खबर चल रही है कि जो डॉक्टर पीजी करते हैं उसके बाद उन्हें 10 साल तक काम करना होगा वरना उन्हें 10 करोड़ रु. की धनराशि जमा करनी होगी। ये कोई नई खबर नहीं है ये शासनादेश 3 अप्रैल 2017 को ही जारी कर दिया गया था।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

यूपी सरकार द्वारा जारी किया गया शासनादेश

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें