अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाने की तैयारियों के बीच अयोध्या के रौनाही में मिली 5 एकड़ जमीन पर मुस्लिम पक्ष भी जल्द ही मस्जिद का निर्माण शुरू कर सकता है। सुन्नी वक्फ बोर्ड इसके लिए 15 दिनों में ट्रस्ट का एलान कर सकता है। ट्रस्ट के गठन के बाद मस्जिद निर्माण की रूपरेखा तय होगी।
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सुन्नी वक्फ बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रदेश सरकार ने बोर्ड का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। बोर्ड इस बढ़े हुए कार्यकाल में अयोध्या में मिली 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद निर्माण का कार्य शुरू कर देना चाहता है। उसने इसकी कवायद तेज कर दी है।
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने बताया कि 15 दिनों के भीतर रौनाही में मिली जमीन पर मस्जिद निर्माण को लेकर काम शुरू कर दिया जाएगा। सबसे पहले एक ट्रस्ट का एलान होगा। यह ट्रस्ट रौनाही में मस्जिद, इस्लामिक एजुकेशनल संस्था और लाइब्रेरी का निर्माण कराएगा। निर्माण संबंधी पूरी जिम्मेदारी इसी ट्रस्ट की होगी।
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निर्माण कैसे होना है, क्या क्या निर्माण होना है, इसके लिए बजट की व्यवस्था कैसे होगी, ये सब ट्रस्ट ही तय करेगा। जल्द ही ट्रस्ट में शामिल 15 सदस्यों के नामों का एलान किया जाएगा। उन्होंने कहा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बोर्ड के सभी सदस्यों को बैठाकर मीटिंग की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो जुफर फारूकी इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हो सकते हैं। अन्य सदस्यों में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मौजूदा 8 सदस्यों को मौका मिल सकता है। इसके अलावा सरकार के प्रतिनिधि और मुस्लिम धर्मगुरुओं को भी इस ट्रस्ट में जगह दी जा सकती है।