लखनऊ। दहेज उत्पीड़न के मुकदमे से परेशान एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। खबर पाकर मुकदमा दर्ज कराने वाली बहू के मायके वाले जब किसान के घर पहुंचे तो वहां मारपीट हो गई। इसमें मृतक की पत्नी व अन्य लोगों को चोट आई है। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
दुबग्गा के मलहा गांव के किसान रामआसरे (55) शुक्रवार सुबह दस बजे पत्नी मीना से खेत से चारा लाने की बात कहकर निकले थे। रात तक वह नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की मगर रामआसरे का कुछ पता नहीं चला। शनिवार सुबह गांव के बाहर जंगल में पेड़ में रस्सी से बंधे फंदे पर रामआसरे का शव लटका देख ग्रामीणों ने परिजनों को खबर दी। सूचना पर दुबग्गा पुलिस ने छानबीन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के बेटे संतोष कुमार गौतम ने बताया वर्ष 2021 में छोटे भाई आकाश की शादी जिल्हापुर की रहने वाली बबली से तय हुई थी। दहेज में जेवर को लेकर बात बिगड़ गई थी। इसके चलते लड़की वालों ने रामआसरे, उनकी पत्नी मीना समेत अन्य के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया था। हालांकि बाद में आकाश व बबली की शादी हो गई थी। बबली के घरवालों ने दहेज उत्पीड़न के मामले में समझौते की बात कही थी मगर किया नहीं। आरोप है कि बबली के मायके वाले आए दिन रामआसरे व उनके परिजनों को जेल भिजवाने की धमकी देते थे। इससे रामआसरे परेशान रहते थे। बेटे संतोष का कहना है कि इसी के चलते पिता ने आत्महत्या कर ली।
रामआसरे की आत्महत्या की खबर पाकर बहू बबली की मां और अन्य लोग उनके घर पहुंचे। वहां दोनों पक्षों में बहस हो गई। आरोप है कि बबली के मायके वालों ने रामआसरे के परिजनों के साथ मारपीट की। इसमें रामआसरे की पत्नी मीना व अन्य लोगों को चोट आई है।पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। रामआसरे के बेटे संतोष ने बबली व उसके मायके वालों के खिलाफ तहरीर दी है। इंस्पेक्टर अभिनव कुमार वर्मा ने बताया कि जांच की जा रही है।