लखनऊ। पारा की कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले अनिल कनौजिया की बेटी डाली (17) ने शनिवार को फंदा लगाकर जान दे दी। डाली गंजेपन से परेशान थी। छह साल से उसका इलाज चल रहा था। सिर पर बाल नहीं उगने के कारण वह तनाव में थी।
ठाकुरगंज थाने में तैनात एसआई कुलदीप वर्मा ने बताया कि डाली के पिता अनिल विदेश में रहकर लांड्री का काम करते हैं। शुक्रवार को डाली के रिश्तेदारी में शादी थी। डाली की मां गीता ने बेटी को साथ में चलने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इस पर गीता बेटे शिवा के साथ शादी समारोह में चली गईं। घर पर डाली अकेली थी। डाली ने कमरे पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगा लिया। देर रात बेटे के साथ घर लाैटीं गीता ने डाली को आवाज दी, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कमरे में जाकर देखने पर डाली फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने डाली को फंदे से नीचे उतारा और एरा अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि डाली कक्षा 11 की छात्रा थी। गंजेपन की वजह से उसे कई बार लोगों ने ताना भी दिया था। इसके कारण वह तनाव में रहती थी। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। बेटी की मौत से गीता का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि कोई शिकायत नहीं मिली है।
बार-बार हो जाती थी बेहोश
गंजेपन की बीमारी के कारण डाली बार-बार बेहोश हो जाती थी। परिजनों का कहना है कि इलाज से कुछ दिन तक राहत रहती थी, लेकिन फिर से वह बीमार हो जाती थी। डाली के सारे बाल झड़ गए थे। डाली के माता पिता मूलरूप से उन्नाव के रहने वाले हैं। परिजन पोस्टमाॅर्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए उन्नाव लेकर चले गए।