लखनऊ। वजीरगंज इलाके में पैर टूटने से परेशान विशाल कश्यप (24) ने शुक्रवार रात घर में फंदा लगा लिया। वहीं, बंथरा निवासी गोविंद (46) ने भी खुदकुशी कर ली। आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।
राणा प्रताप मार्ग स्थित शनि देव मंदिर के पास रहने वाले विशाल कश्यप नाव चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके भाई शंकर ने बताया कि डेढ़ माह पूर्व मजदूरी के दौरान दूसरी मंजिल से गिरने के कारण विशाल का दाहिने पैर का पंजा टूट गया था। इससे वह काफी परेशान और तनाव में था। घर का खर्च चलाने और इलाज के लिए वह नाव चलाने लगा था। परिजनों के अनुसार शुक्रवार रात वह नशे की हालत में घर लौटने के बाद चुपचाप अपने कमरे में चले गए। थोड़ी देर बाद जब बहन लक्ष्मी उन्हें खाने के लिए बुलाने पहुंची तो उन्होंने विशाल को चादर के सहारे पंखे से लटका पाया। इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी ने बताया कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। भाई शंकर ने बताया कि पिता की माैत के बाद मां अलग रहने लगी थीं। परिवार में बहन और मूकबधिर भाई हैं।
इसके अलावा बंथरा के खसरवारा गांव निवासी गोविंद (46) प्राइवेट गाड़ी चलाता था। उनके बेटे लवकुश ने बताया कि गांव में उनके दो मकान हैं। एक में पिता गोविंद रहते थे और दूसरे में वह पत्नी और मां फूलमती के साथ रहता है। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे जब वह पिता को खाना देने गए तो पिता नशे में थे। शनिवार सुबह जब वह पिता को जगाने गए तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। बार-बार खटखटाने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला तो परिवार के लोग दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे और गोविंद का शव पंखे से मफलर के सहारे लटका देखा। इंस्पेक्टर बंथरा राणा राजेश सिंह के अनुसार, गोविंद ने आत्महत्या क्यों की, इसका पता नहीं चल सका है।