बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी जेल में बंद होकर भी प्रशासन के लिए आफत बनें हुए हैं, उनके कारण पुलिस प्रशासन को कई बार न्यायलयों की फटकार लग चुकी है।
केंद्रीय कारागार में निरुद्ध बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी जेल प्रशासन के गले की फांस बनते जा रहे हैं। पेशियों के लिए लगातार तारीखें लग रही हैं, लेकिन पुलिस फोर्स न मिल पाने के कारण तय समय पर पेशी नहीं हो पा रही है।
ऐसे में जेल अधिकारियों को सीबीआई कोर्ट सहित अन्य न्यायालयों की फटकार झेलनी पड़ रही है।
अब 9, 10 और 11 अप्रैल को लगातार तीन पेशियों ने जेल अधिकारियों को फिर टेंशन दे दी है।
सीबीआई कोर्ट में पेश होना है मुख्तार को
जानकारी के अनुसार 9 अप्रैल को विधायक की मऊ में मकोका के तहत पेशी होनी है। फिर 9 को ही लखनऊ में पेशी है।
इसके बाद 10 को मऊ कोर्ट में पेशी के लिए तारीख लगी है।11 अप्रैल को सीबीआई कोर्ट में विधायक को पेश होना है।
संवेदनशील मामला होने के कारण विधायक के साथ भारी पुलिस फोर्स की आवश्यकता होती है लेकिन लोकसभा चुनावों के चलते पुलिस के आला अधिकारी इतना फोर्स देने में हाथ खड़े कर रहे हैं।
बता दें कि इसके पूर्व 22 मार्च को सीबीआई कोर्ट में विधायक को पेश होना था, लेकिन पुलिस फोर्स की कमी के चलते उसे पेश नहीं किया जा सका था।
कोर्ट के लिए फोर्स नहीं है
बाद में 3 अप्रैल को जब जेल प्रशासन विधायक को लेकर सीबीआई कोर्ट पहुंचा तो उसे जमकर फटकार लगी। इसके बाद अगले दिन फिर 4 अप्रैल को पेशी कराई गई।
केंद्रीय कारागार के अधीक्षक एसपी वर्मा का कहना है कि मऊ विधायक की लगातार पेशी पड़ रही है लेकिन कई न्यायालयों के लिए फोर्स नहीं मिल पा रहा है। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कुल मिलाकर बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी चाहे जेल के अंदर हो या बाहर प्रशासन के लिए मुश्किल बने हुए हैं।