राजेश कुमार सिंह (@Neelnabh)ने लिखा कि क्या आप कहना चाहती हैं कि पासपोर्ट अधिकारी ने अपनी मनमर्जी से काम करते हुए और नियमों को तोड़ते पासपोर्ट जारी किए और नियमों का पालने करने वाले अधिकारी का ट्रांसफर किया? या आप कहना चाहती हैं कि आपने विदेश में रहते हुए ट्विटर टाइम लाइन देखनी बंद कर दी थी और विदेश मंत्रालय ने भारत में काम बंद कर दिया था?
स्नेह शर्मा (@snehsharma19)लिखते हैं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का सम्मान होना चाहिए। जांच जारी है, हमें जांच कर्ताओं पर दबाव नहीं डालना चाहिए। अन्यथा तन्वी सेठ की तरह हम भी पासपोर्ट अधिकारियों पर गैर जरूरी दबाव डालने वालों में शामिल होंगे।
सिद्धार्थ रेड्डी गौनी (@sidharthgauni)लिखते हैं कि लखनऊ में जो हुआ वह एक विफलता है, लेकिन एक नागरिक के तौर पर आपसे क्षमा चाहूंगा कि आपकी इस प्रकार से आलोचना हो रही है। कृपया ईमानदार अधिकारी के साथ न्याय सुनिश्चित करें।
इधर सुषमा स्वराज ने हटाया रिव्यू ऑप्शन
लखनऊ पासपोर्ट प्रकरण में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की कड़ी आलोचना करते हुए फेसबुक यूजर्स उनके आधिकारिक पेज को रिव्यू में निगेटिव रेटिंग देने लगे। इसके लिए अभियान चलने से पेज से रिव्यू का विकल्प हटा लिया गया है। इस पेज को 29.75 लाख लाइक मिले हैं। वहीं, करीब 30 हजार लोगों ने पेज को पांच में से एक स्टार (सबसे कम) देते हुए ढेरों नकारात्मक कमेंट किए।
...उधर तन्वी ने अपने अकाउंट की प्राइवेसी बदली
उधर इस प्रकरण की शुरुआत तन्वी सेठ के जिस ट्विटर प्रोफाइल (@tanvianas) पर शिकायत दर्ज करवाने से शुरू की गई थी, उसकी प्राइवेसी सेटिंग तन्वी ने बदल डाली है। अब इस प्रोफाइल द्वारा की गई पोस्ट केवल इसे फॉलो करने वाले प्रामाणिक यूजर्स ही देख पाएंगे। तन्वी ने अपने तमाम फोलोअर्स में से केवल 11 को ही फॉलो करने का अधिकार दिया है। इस प्रकरण के बाद तन्वी के फॉलोअर्स सैकड़ों की संख्या में बढ़ गए थे।