सआदतगंज के रहने वाले एक युवक ने पत्नी को तलाक, तलाक, तलाक बोला और हफ्ते भर बाद दूसरा निकाह कर लिया। इसकी जानकारी होने पर सोमवार को पीड़िता ने सआदतगंज कोतवाली में प्रार्थनापत्र देकर गुहार लगाई। जहां से उसे गोमतीनगर थाने में शिकायत करने को कहकर लौटा दिया गया। जबकि गोमतीनगर पुलिस का कहना है कि अभी कोई शिकायत ही नहीं मिली है।
गोमतीनगर के विकास खंड की रहने वाली सदफ हसन का निकाह सितंबर 2014 में सआदतगंज के रूस्तमनगर निवासी शावेज हसन से हुआ था। सदफ की दो बेटियां हैं। आरोप है कि सदफ के पिता ने शादी में काफी पैसा खर्च किया था। इसके बाद भी ससुराल वाले दहेज में कार और एक करोड़ रुपये कैश मांग रहे थे। कुछ दिनों बाद शावेज ने गोमतीनगर इलाके में मकान दिलाने की भी सदफ के मायके वालों से मांग की। मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने सदफ को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
आरोप है कि नौ अगस्त 2020 को सदफ को बुरी तरह से पीटने के बाद दोनों बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। इस पर सदफ ने गोमतीनगर थाने में पति शावेज हसन, ससुर हसन मियां, सास शाहीन जहरा, ननद खुशनुमा व नाजिया के खिलाफ दहेज प्रताड़ना समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी। सदफ का आरोप है कि पिछले दिनों पति शावेज ने दारुल उलूम नदवातुल उलेमा के जरिए पांच बार तलाक का नोटिस भेजा। फिर पांच मार्च 2021 को नदवा से जारी तलाकनामा उसे डाक से भेजा, मगर उसने नहीं लिया। इस पर दस दिन पहले शावेज उसके घर आ गया और कहा कि नोटिस नहीं लिया इसलिए मैं खुद आ गया और वह तलाक, तलाक, तलाक बोलकर चला गया।
सोमवार सुबह सदफ को जानकारी मिली कि शनिवार को शावेज ने सआदतगंज में दूसरा निकाह कर लिया है। सदफ को निकाह का वीडियो भी मिल गया। इस पर उसने सआदतगंज कोतवाली में तहरीर दी। इसमें सदफ ने कहा कि बिना तलाक के दूसरा निकाह करना अपराध है और तीन तलाक भी अपराध है, ऐसे में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करे। इस बारे में सआदतगंज इंस्पेक्टर बृजेश कुमार का कहना है कि सदफ ने गोमतीनगर थाने में पति व ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट पूर्व में दर्ज कराई है। उसकी विवेचना चल रही है। ऐसे में इस प्रकरण में जो भी शिकायत है, उसी विवेचक को प्रार्थनापत्र देकर मुकदमे में धारा बढ़वाई जा सकती है। वहीं, गोमतीनगर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी का कहना है कि मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
नदवा से जारी कराया गया तलाकनामा गलत
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास का कहना है कि इस मामले में तलाक हुआ ही नहीं है। शिया में फिरका जाफरी के हिसाब से तलाक होता है। शिया में तीन बार तलाक कहने से तलाक नहीं होता है। शिया में निकाह के लिए गवाह की जरूरत नहीं है। मगर तलाक के लिए दो गवाहों की जरूरत होती है। क्योंकि निकाह में दो परिवार मिलते हैं और तलाक में दो लोग, दो परिवार टूटते हैं। दूसरी ओर उनके यहां निकाह में गवाह की जरूरत है, तलाक में गवाह की जरूरत नहीं है। मौलाना यासूब अब्बास का कहना है कि इस मामले में नदवा से जारी कराया गया तलाकनामा बिल्कुल गलत है। हमारा फिरका अलग और उनका अलग है। इसके अलावा तीन तलाक अपराध है, इसको लेकर सख्त कानून बन चुका है। ऐसे में मामले में पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।