लखनऊ। कैंट के तोपखाना निवासी छात्र सौरभ कुमार का एनईएफटी फॉर्म और चेकबुक चोरी करने के बाद दो युवकों ने फर्जी हस्ताक्षर कर 91 हजार रुपये बैंक ऑफ इंडिया शाखा ऐशबाग से निकालने की कोशिश की। मामले में अमीनाबाद पुलिस ने रविवार को एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार आजाद के मुताबिक सौरभ का खाता बीओआई शाखा अमीनाबाद में है। शनिवार सुबह 11:30 बजे वह चेकबुक लेकर खाते में जमा रकम किसी और को ट्रांसफर करने पहुंचे थे। उन्होंने चेक व एनईएफटी फॉर्म में 91 हजार रकम भरे और जमा कर दिया। तभी वहां पहले से मौजूद नाका के ख्वास पूर्वा विरहाना निवासी प्रथम शर्मा व राजेंद्रनगर के कृष्णा राजपूत ने उनकी चेकबुक चुरा ली।
दोनों आरोपी वहां से निकलकर बीओआई शाखा ऐशबाग पहुंचे। वहां उन्होंने 91 हजार भरकर चेक पर सौरभ के हस्ताक्षर बनाए और कैशियर को दे दिया। संदेह होने पर कैशियर ने बैंक में दर्ज सौरभ का विवरण देखा तो उसमें उनकी लगी फोटो और आरोपी के चेहरे में भिन्नता मिली। हस्ताक्षर भी बदले हुए थे। कैशियर ने दोनों को बातों में फंसाकर अमीनाबाद पुलिस और सौरभ को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका
इंस्पेक्टर के मुताबिक आरोपियों के पास से वही एनईएफटी फॉर्म मिला, जो सौरभ ने भरकर अमीनाबाद शाखा में लगाया था। आशंका है कि ठगों ने बैंक कर्मियों की मिलीभगत से फाॅर्म हासिल किया। मामले की विवेचना दरोगा आशीष सिंह कर रहे हैं। बैंक कर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
क्या होता है एनईएफटी फॉर्म
एनईएफटी फॉर्म को नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर फॉर्म भी कहा जाता है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली है जो एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसे भेजने के लिए इस्तेमाल होती है।