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Lucknow News: ट्रीटमेंट प्लांट दूर करेगा मलबे की समस्या, हवा भी सुधरेगी

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लखनऊ। फुटपाथों और सड़कों के किनारे पड़ा रहने वाला मलबा अब उपयोग में लाया जाएगा। इसके लिए मलबा ट्रीटमेंट (सीएंडडी वेस्ट) प्लांट लगाया जाएगा। इससे जहां लोगों को मलबे से होने वाली गंदगी से छुटकारा मिलेगा तो शहर की हवा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इसे लेकर महापौर सुषमा खर्कवाल ने पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के प्लांट का दौरा भी किया।
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शहर में मलबे को लेकर एनजीटी कई बार आदेश जारी कर चुका है। इसमें सड़क, फुटपाथ पर मलबा डालने वालों पर 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। नगर आयुक्त की ओर से जारी आदेश में कई बार जोनल अभियंताओं को मलबा उठवाने और खुले में मलबा डालने वालों पर जुर्माना लगाने के कड़े निर्देश दिए गए। इसके बाद जोनल इंजीनियरों की ओर से कार्रवाई तो की जाती है, पर यह महज कागजी ही रहती है। इस पर नगर आयुक्त नाराजगी भी जता चुके हैं।

वहीं, मलबा पड़ा रहने से शहर की हवा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। ऐसे में अब मलबे की समस्या को प्रभावी तरीके से हल करने के लिए प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसकी टेंडर प्रकिया शुरू होने वाली है। इसमें पहले आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) के जरिये प्लांट लगाने की इच्छुक कंपनियों के सुझाव व प्रस्ताव आने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा। शहर में अपने तरह का यह पहला प्लांट होगा।
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शहर में रोज निकलता है 100 क्विंटल मलबा

सीएंडी वेस्ट प्लांट प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियर ने बताया कि अनुमान के तहत शहर में रोजाना करीब 100 क्विंटल मलबा निकलता है। इसका उपयोग कंपनी अपने हिसाब से ब्रिक टाइल्स व अन्य उपयोगी चीजें बनाने में कर सकेगी। मलबे का उठान भी कंपनी अपने वाहनों से करेगी। नगर निगम उसके लिए कोई खर्च नहीं देगा।







कोट

समस्या का निस्तारण करेगा प्लांट

ग्रेटर नोएडा का प्लांट काफी अच्छा है। इसी तरह का प्लांट यहां पर भी बनाया जाएगा। इससे शहर में मलबे का निस्तारण सही तरह से होगा और यहां की हवा की गुणवत्ता भी सुधरेगी।
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-सुषमा खर्कवाल, महापौर
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