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Lucknow News: अवैध संबंध, आपसी विवाद और रंजिश के पहलू पर जांच

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लखनऊ। पीएसी इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह की हत्या के मामले में एसटीएफ भी सक्रिय हो गई है। एसटीएफ ने अपने स्तर से तहकीकात शुरू की है, ताकि जल्द से जल्द कातिल पकड़ा जा सके। मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल के आधार पर तहकीकात की जा रही है। अवैध संबंध, आपसी विवाद, रंजिश आदि पहलुओं पर जांच जारी है।
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मृतक सतीश के भाई अजीत ने एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें कहा कि सतीश के जाने के बाद उन्होंने उनको 02:15 बजे कॉल की थी। ये पूछने के लिए कि वह कहां पहुंचे हैं। तब सतीश ने बताया कि वह शैशव वीर मंदिर के पास हैं। इसके करीब 20-25 मिनट बाद सतीश की बेटी पाखी ने अजीत को फोन कर हत्या की जानकारी दी। इससे साफ है कि सतीश की आखिरी बार अजीत से फोन पर बात हुई थी। इसके चंद मिनट बाद ही उनकी हत्या हो गई।

कृष्णानगर की मानस विहार काॅलोनी में दिवाली की रात पीएसी इंस्पेक्टर की हत्या के बाद मौके पर .32 बोर के खोखे मिले हैं। इससे माना जा रहा है कि वारदात को पिस्टल से अंजाम दिया गया है।
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एडीसीपी शशांक सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि एक गोली सतीश की पीठ पर लगकर आरपार हो गई। दो गोलियां गर्दन व दो बाएं हाथ पर लगीं। सिर पर पीछे की तरफ गंभीर चोट भी लगी है। इससे आशंका है कि हमलावर ने किसी भारी चीज से भी सतीश पर वार किया था। डीसीपी साउथ विनीत जायसवाल ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। सर्विलांस टीम ने कुछ संदिग्ध नंबर चिह्नित किए हैं। तफ्तीश की जा रही है। जल्द वारदात का खुलासा किया जाएगा।




भावना ने बताया कि जब वह राजाजीपुरम से निकली थीं तो कुछ दूर पर सतीश ने कार रोकी थी। पान मसाला लेने के बाद वहां से निकले थे। इस दौरान वह और बेटी कार में सो गईं। उनकी नींद तब खुली जब अचानक से गोली चलने की आवाज आई। तब देखा कि उनके पति गिरे पड़े हैं और काले रंग की हुडी पहने युवक वहां से भागकर जा रहा है।
सतीश का मकान मुख्य सड़क से करीब सौ मीटर भीतर है। उनके मकान पर जाकर सड़क खत्म हो जाती है। मतलब वहां से उसी रास्ते से वापस आना होता है, जिससे वहां गए थे। वहां से निकलने के बाद मुख्य सड़क पर आकर दाएं या बाएं जा सकते हैं। हमलावर को इसकी पूरी जानकारी थी। आशंका है कि उसने पहले रेकी भी की थी।


सतीश के बगल वाले घर में एक सीसीटीवी कैमरा लगा है। पर, जब पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि वह कैमरा खराब है। इसके अलावा आसपास के किसी भी मकान में कैमरे नहीं लगे हैं। इसलिए करीब दो सौ मीटर के दायरे में पुलिस ने कैमरे खोजकर उनकी फुटेज जुटाई हैं। ताकि कुछ सुराग लगाया जा सके।






वारदात को दीपावली की रात अंजाम दिया गया। जबकि पुलिस उस रात आम दिनों से अधिक सक्रिय होने का दावा कर रही थी। पिस्टल से लैस हमलावर आया। घर के सामने इंस्पेक्टर को गोलियों से भून डाला और भाग गया। देर रात वह इधर-उधर घूमता रहा मगर पुलिस को उस पर संदेह न हुआ। वह आसानी से भाग गया। इससे पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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