लखनऊ। लाेहिया संस्थान में पांच साल बाद एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की फिर शुरुआत हुई है। ऐसे में डायबिटीज, थायराइड, हड्डियों की कमजोरी, बांझपन आदि का इलाज एक ही छत के नीचे मिल सकेगा।
लोहिया संस्थान में वर्ष 2020 में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में मरीज देखते जाते थे, मगर विभाग के इकलौते फैकल्टी डॉ. मनीष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद यह विभाग पूरी तरह से बंद हो गया था।
हाल ही में संस्थान में हुई 166 चिकित्सकों की भर्ती में संस्थान में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट ने भी जाॅइन किया है। एंडोक्राइन सर्जरी विभाग में डॉ. सारा इदरीश की स्थायी फैकल्टी के तौर पर भर्ती हुई है। विभाग के प्रमुख डॉ. अविवर अवस्थी ने बताया कि ओपीडी मंगलवार से शुरू हाे चुकी है।