कोटवा गांव में शनिवार सुबह किराना दुकान में फ्रिज का कंप्रेसर फटने से आग लग गई। लपटों की चपेट में आकर दुकानदार की जिंदा जलकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने नलकूप की मदद से आधे घंटे में आग पर काबू पाया।
कोटवा गांव निवासी दुकानदार शिव बहल मौर्या (55) की किराना की दुकान थी। उनके बेटे आशीष के मुताबिक, सुबह आठ बजे पिता शिव बहल दुकान खोलने गए थे। करीब साढ़े आठ बजे अचानक दुकान में रखे फ्रिज का कंप्रेसर तेज धमाके के साथ फट गया। दुकान में आग लग गई और शिव बहल को बाहर निकलने तक का वक्त नहीं मिला। कुछ ही मिनट में वह आग में जिंदा जल गए।
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बख्शी का तालाब एफएसओ प्रशांत ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल कर्मी घटना स्थल पर पहुंच गए थे। हलांकि, तब तक ग्रामीणों ने निजी नलकूप से आग बुझा ली थी। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
लपटों से घिरे शिव बहल की चीखें सुनकर दहल गए लोग
लपटों में घिरे शिव बहल की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जुट गए। लेकिन, सब बेबस और सहमे हुए खड़े रहे, क्योंकि तब तक शिव बहल को आग ने पूरी तरह चपेट में ले लिया था। नलकूप से आधे घंटे में आग पर ग्रामीणों ने काबू पाया, पर तब तक शिव बहल की मौत हो चुकी थी।
परिजन बचाने को दौड़े, ग्रामीणों ने रोका
हादसे की सूचना पर शिव बहल के परिजन भी मौके पर पहुंचे। परिजन उन्हें बचाने के लिए दुकान के भीतर जाने के लिए दौड़े। ग्रामीणों ने उनको रोक लिया। उनकी पत्नी सुषमा गश खाकर गिर गईं। पिता की मौत से बेटे आशीष, अभिषेक व तीन बेटियां बदहवास थे।
दुकान पर पेट्रोल भी बेचे जाने की थी चर्चा
हादसे के बाद ग्रामीणों में चर्चा थी कि दुकान पर पेट्रोल भी बेचा जाता था। काउंटर पर पेट्रोल रखा हुआ था। कंप्रेसर फटने के बाद पेट्रोल की वजह से आग भड़क गई। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
45 मिनट बाद पहुंची दमकल
आशीष के मुताबिक, घटना की सूचना देने के बाद भी पुलिस और दमकल कर्मी घटना स्थल पर 45 मिनट बाद पहुंच सके। इस करण आग बुझाने में काफी समय लग गया।
क्या करें कि न फटे कंप्रेसर
- अगर कंप्रेसर अधिक आवाज कर रहा है तो टेक्नीशियन को जरूर दिखवाएं।
- फ्रिज को दीवार के साथ सटाकर न रखें। दोनों के बीच स्पेस होना चाहिए।
- फ्रिज अगर कूलिंग नहीं कर रही है तो जांच करवा लें।
- फ्रिज के पीछे से ज्यादा हीट आ रही है तो इसे नजरअंदाज न करें।