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कई राज्यों में फैला है टेरर फंडिंग का जाल, गिरफ्तार किए गए आतंकियों के मददगारों ने किए खुलासे

Mon, 02 Apr 2018 09:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों और मध्य प्रदेश के रीवा से गिरफ्तार किए गए आतंकियों के मददगारों ने कई अहम खुलासे किए हैं। पांच दिन के रिमांड के दौरान इन आरोपियों ने बताया कि कश्मीर, उड़ीसा और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में इस गिरोह के तार जुड़े हैं।

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एटीएस के सूत्रों का दावा है कि कई बार पैसों को एक खाते से दूसरे खाते में भेजा गया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि कुछ रकम नेपाल के खातों में भी भेजी गई, जबकि कुछ रकम नेपाल से इन आरोपियों के खातों में आई है। रिमांड पूरा होने के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जरूरत पड़ने पर एटीएस इन्हें दोबारा रिमांड पर ले सकती है।

चार दिन बैंक बंद होने से नहीं मिली खातों की डिटेल
एटीएस ने 25 मार्च को अलग-अलग स्थानों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। ये पाकिस्तान, कतर और नेपाल से भारत में आतंकियों के लिए फंडिंग कर रहे थे। एटीएस ने दावा किया था कि इनमें से चार युवक सीधे पाकिस्तान के लश्कर-ए-तइबा से जुड़े थे और उसके इशारे पर काम कर रहे थे।
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इनमें रीवा से पकड़ा गया उमा प्रताप सिंह, गोरखपुर से पकड़ा गया नसीम व अरशद और प्रतापगढ़ से पकड़ा गया संजय शामिल है। एसटीएफ ने 27 मार्च को इन आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। इस दौरान चार दिन बैंकों में छुट्टी रहने के चलते खातों की डिटेल नहीं मिल पाई।

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यूपी से कश्मीर के खातों में भेजे गए पैसे

प्रतीकात्मक फोटो
जांच के दौरान पता चला कि इन आरोपियों के खातों में जो पैसे आए, उन्हें कश्मीर, उड़ीसा और तमिलनाडु के अलावा असम और दूसरे राज्यों में भी स्थानांतरित किया गया। कश्मीर के ऐसे तीन खातों के बारे में जानकारी एटीएस को मिली है जिनमें यूपी से 6.5 लाख, ढाई लाख और सवा लाख रुपये स्थानांतरित किए गए।

ये पैसे किसको और क्यों भेजे गए, इसका जवाब एटीएस तलाश रही है। शुरुआती जांच में जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार भारत में ही अलग-अलग खातों में तीन करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं। एटीएस को इस गैंग से जुड़े सैकड़ों खातों के बारे में जानकारी मिली है जिसकी डिटेल बैंकों से मांगी गई है।

लॉटरी फ्रॉड के पैसे भी आए खातों में
एटीएस के सूत्रों का कहना है कि जो पैसे खातों में आए, उसमें कुछ हिस्सा लॉटरी के जरिए फ्रॉड का भी हो सकता है। हालांकि जो बड़ी रकम 6 लाख, 10 लाख, 12 लाख और 15 लाख रुपये भारतीय खातों में पाकिस्तान और कतर से आई, वह आतंकियों की मदद के लिए भेजी गई, इसकी संभावना अधिक है। शुरुआती जांच में पहले और दूसरे लेवल के खातों के बारे में जानकारी मिली है। यह पैसा कहां तक गया और किसको दिया गया, इसकी जानकारी जुटाने में कम से कम 10 से 15 दिन लगेंगे।
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