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Lucknow News: फ्री होल्ड होगी ट्रांसपोर्टनगर योजना

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लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर योजना के आवंटियों की भूखंडों को फ्री होल्ड कराने की मांग बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। एलडीए बोर्ड ने इसका प्रस्ताव मंजूर कर दिया। साथ ही विवाद को देखते हुए किराये की संपत्तियों पर काबिज कब्जेदारों को ही मकान-फ्लैट बेचे जाने की हरी झंडी दे दी।



बोर्ड ने नक्शा पास कराने पर लिए जाने वाले शुल्क में बढ़ोतरी की है। नए वित्तीय वर्ष का 4269 करोड़ रुपये का बजट भी पास कर दिया गया है।



मंडलायुक्त रोशन जैकब की अध्यक्षता में एलडीए बोर्ड की बैठक में पाए हुए 54 प्रस्तावों में ट्रांसपोर्टनगर योजना को फ्री होल्ड करने और कब्जे में फंसी किराये की संपत्तियों को बेचने का मामला प्रमुख रहा। इससे दशकों से चला आ रहा विवाद दूर होने से आवंटियों व एलडीए दोनों को फायदा होगा।
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एलडीए की शहर में आवासीय और व्यावसायिक मिलाकर करीब 4000 संपत्तियां हैं, जिनमें से आधी विवादित हैं। इन्हें मूल किरायेदार किसी और को बेचकर या किराये पर दे गए हैं। ऐसे लोग एलडीए से लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि या तो उनके नाम किरायेदारी का दाखिल खारिज कर दिया जाए या एलडीए उन्हें बेच दे। इस पर कोई निर्णय न हो पाने से कुछ लोग कोर्ट भी गए। ऐसे में न तो एलडीए कब्जा खाली करवा पा रहा था और न ही उसे किराया मिल रहा था। बृहस्पतिवार को बोर्ड ने सिकमी किरायेदारों को ही संपत्तियां मौजूदा रेट पर बेचने की मंजूरी दे दी। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव और अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि वैध किरायेदार भी पहले की तरह संपत्ति को फ्री होल्ड करवा सकते हैं।



योजना में हैं 1900 भूखंड



वर्ष 1980 में विकसित ट्रांसपोर्ट नगर योजना में करीब 1900 भूखंड हैं। इसमें ट्रांसपोर्ट कारोबार के लिए व्यापारियों को 90 साल की लीज पर प्लॉट आवंटित किए गए थे, लेकिन इसमें फर्जीवाड़ा भी हुआ। मूल आवंटी के बजाय दूसरे लोगों को फर्जी रजिस्ट्री की गई। बीते साल फर्जी रजिस्ट्री में 13 लोगों पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। अब एलडीए ने विवाद हल करने के लिए उन सभी प्लॉटों को फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव पास किया है, जिनमें कोई विवाद नहीं है और स्वामित्व सही है। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव व अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि यदि आवंटी ने भू-उपयोग के विपरीत निर्माण किया है तो उसके हिसाब से फ्री होल्ड शुल्क देना होगा। ऐसा न करने पर कार्रवाई भी होगी।
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एक अक्तूबर से महंगा होगा नक्शा पास कराना



एलडीए ने नक्शा पास करने का बाह्य विकास शुल्क बढ़ा दिया है। ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि विकास शुल्क 2360 रुपये प्रति वर्गमीटर से 2462 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। सितंबर तक पुरानी दरों पर ही नक्शा पास होगा। बढ़ी दर एक अक्तूबर से लागू होगी। शासन के आदेश पर शमन शुल्क की दरों को कम किया गया है। अभी 100 वर्गमीटर तक आवासीय भवन निर्माण के लिए 22.50 रुपये प्रति वर्गमीटर, 300 वर्गमीटर तक 33.50 रुपये तथा 300 वर्गमीटर से अधिक के लिए 44.73 रुपये वर्गमीटर शुल्क लिया जाता है। एक अप्रैल से आवासीय निर्माण के लिए पांच रुपये प्रति वर्गमीटर, व्यावसायिक के लिए 30 रुपये और ग्रुप हाउसिंग के लिए 15 रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क लिया जाएगा।
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