डीएल बनाने वाले प्राइवेटकर्मियों से वसूली में मुख्तार गैंग के सक्रिय होने की 25 जिलों के डीएम करेंगे जांच
अमर उजाला इम्पैक्ट
परिवहन आयुक्त ने लिखे पत्र, हफ्तेभर में दी जाएगी जांच-रिपोर्ट
डीएल बनाने वाले प्राइवेटकर्मियों से वसूली में मुख्तार गैंग सक्रिय होने का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। डीएल बनाने वाले प्राइवेटकर्मियों से मुख्तार के गुर्गे वसूली कर रहे हैं। इस मामले में बृहस्पतिवार को परिवहन आयुक्त ने सतर्कता दिखाते हुए 25 जिलों के डीएम को पत्र लिखकर जांच के लिए कहा है। जांच-रिपोर्ट हफ्तेभर में दी जाएगी। आशंका जताई जा रही है कि जांच में अफसरों की मिलीभगत भी उजागर होगी।
परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, उनकी प्रिंटिंग व डिलीवरी का काम निजी एजेंसी करती हैं। तीन कंपनियों को सिल्वर टच, फोकाम नेट व रोजमार्टा को यह जिम्मेदारी मिली है। आगरा व कानपुर जोन के 25 जिलों में डीएल का कामकाज फोकॉम नेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। कंपनी की ओर से करीब 125 प्राइवेटकर्मियों को नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि मुख्तार अंसारी के गुर्गे राशिद फारुकी को कंपनी ने प्राइवेटकर्मियों की नियुक्ति व उनसे वसूली की जिम्मेदारी सौंपी है। यह आरोप भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लगाया तथा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की। इसी क्रम में बीती 10 फरवरी को अमर उजाला लखनऊ संस्करण में 'मुख्तार के गुर्गे डीएल बनाने वाले कर्मियों से कर रहे वसूली' शीर्षक खबर प्रकाशित हुई थी, जिसका संज्ञान परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने लिया है। उन्होंने खबरों का हवाला देते हुए 25 जिलों के डीएम से जांच कराने को कहा है। एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, बांदा, हमीरपुर, जालौन, चित्रकूट, झांसी, ललितपुर, महोबा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी के डीएम को पत्र भेजे गए हैं।
एंटी करप्शन, विजिलेंस भी कर रही जांच
सूत्र बताते हैं कि मुख्तार गैंग के सक्रिय होने का मामला उजागर होने के बाद एंटी करप्शन व विजिलेंस की टीमों ने भी जांच शुरू की है। टीमें परिवहन विभाग मुख्यालय भी पहुंची थीं। साथ ही आगरा व कानपुर जोन के आरटीओ, एआरटीओ में तैनात प्राइवेटकर्मियों, अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है।
प्रोजेक्ट मैनेजरों पर गिरेगी गाज
अमर उजाला लखनऊ संस्करण में बीती 12 जनवरी को 'कर्मचारियों से ही वसूली जा रही उनकी पगार' शीर्षक खबर प्रकाशित की थी। ऐसे में अब जिलाधिकारियों की ओर से जब जांच होगी तो फोकाम नेट की ओर से तैनात किए गए प्रोजेक्ट मैनेजरों तुषार गर्ग, तौकीर व सुभाष गिरि, जो कर्मचारियों से उनकी ही पगार वसूल रहे थे, की जांच भी होगी। कर्मचारियों से पहले तनख्वाह के 13 हजार रुपये वसूले गए, जिन्हें बाद में सैलरी के रूप में देने की बात कही गई थी।
वसूली के बाद 15 कर्मियों को निकाला
फोकाम नेट के मैनेजर तुषार गर्ग, तौकीर व सुभाष गिरि की ओर से प्राइवेटकर्मियों से डीएल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कम्प्यूटर, वेबकैम, बैटरी वगैरह सिस्टम खरीदवा लिए गए। इसके बाद जब कर्मचारियों की शिकायत पर मामला उजागर हुआ तो उन कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकाल दिया गया। इन 15 प्राइवेटकर्मियों ने भी कंपनी व प्राजेक्ट मैनेजरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
आधिकारिक वर्जन
डीएल बनाने वाले प्राइवेटकर्मियों से वसूली व उनकी नियुक्ति में मुख्तार के गुर्गों के शामिल होने का मामला संगीन है। इसकी जांच के लिए 25 जिलों के डीएम को पत्र लिखे गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर कंपनी व अन्य लोगों पर कार्रवाई होगी।
-किंजल सिंह, परिवहन आयुक्त
आगरा व कानपुर जोन में प्राइवेटकर्मियों की भर्ती को लेकर जो धांधली व वसूली हो रही है, उसकी जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर तुषार, तौकीर व सुभाष गिरि को इस बाबत निर्देशित किया गया है।
-निलय रॉय, डायरेक्टर, फोकाम नेट