पुलिस की गिरफ्त में अपहरण के आरोपी किन्नर
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देवरिया से आठ दिन पहले अगवा हुए आठवीं के छात्र को पुलिस ने मंगलवार शाम को छापामार कर लखनऊ के डालीगंज से छुड़ा लिया। देवरिया और हसनगंज पुलिस ने अपहरण के आरोपी तीन किन्नरों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने छात्र के पिता से पांच लाख रुपये फिरौती मांगी थी।
वहीं अगवा के मामले में किन्नरों की गिरफ्तारी की बात सुनकर करीब अन्य 12 किन्नर थाने पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो वे थाने से हटे। प्रभारी निरीक्षक हसनगंज धीरज कुमार शुक्ला के मुताबिक, देवरिया के भलुअनी थानाक्षेत्र निवासी एक कारोबारी का बेटा 19 मार्च को स्कूल के लिए निकला था।
रास्ते में उसको एसयूवी सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया। छात्र ने पिता को मोबाइल पर चाकू मारने और अगवा होने की सूचना दी। पिता बेटे की तलाश करते हुए स्कूल पहुंचे। वहां छात्र का कोई सुराग नहीं मिलने पर भलुअनी थाने में बेटे के अपहरण का केस दर्ज कराया। कमरे में हाथ-पैर बांधकर रखा था।
कमरे में हाथ-पैर बांध कर रखा
क्षेत्राधिकारी महानगर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, देवरिया पुलिस ने संपर्क किया तो मंगलवार को राजधानी में छापा मारा गया। पुलिस के हत्थे सबसे पहले छात्र का मोबाइल प्रयोग करने वाला किन्नर उमेश उर्फ राधा लगा। उससे पूछताछ की गई तो हकीकत सामने आई।
उसने बताया कि गुड्डन और सनी के घर में छात्र को रखा गया है। पुलिस ने मछली मंडी स्थित गुड्डन के घर छापा मारा। वहां छात्र एक कमरे में मिला। उसके हाथ-पैर बंधे थे। पुलिस ने गुड्डन और सनी को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को थाने लाकर उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद बाद उन्हें देवरिया पुलिस के हवाले कर दिया गया।
किशोर के मोबाइल से मांगी फिरौती
देवरिया से अगवा कर राजधानी के डालीगंज लाए गए किशोर अभिषेक के मोबाइल से ही अपहरणकर्ता उसके पिता को फोन कर रहे थे। प्रभारी निरीक्षक धीरज शुक्ला के मुताबिक, अभिषेक को मुक्त करने के लिए पांच लाख रुपये की मांग रखी।
इसके साथ वाट्सअप मेसेज के जरिये भी रुपये की मांग करते रहे। भलुअनी थाने में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से नंबर की लोेकेशन निकाली तो लखनऊ का निकला। पुलिस टीम ने लगातार अभिषेक के मोबाइल की लोकेशन ली तो डालीगंज में मिला। इस पर देवरिया पुलिस ने हसनगंज कोतवाली में संपर्क किया। इसके बाद दोनों जिलों की पुलिस ने छापेमारी कर अभिषेक को छुड़ा लिया।
उमेश मांगता था रकम
पुलिस के मुताबिक अभिषेक को अगवा करने के बाद तीनों किन्नर उसे गुड्डन के घर में रखा। अभिषेक के पिता तारकेश्वर से फिरौती मांगने की जिम्मेदारी उमेश उर्फ राधा को दी गई। राधा ही अभिषेक के मोबाइल से पांच लाख रुपये की फिरौती मांग रहा था। पिता के मुताबिक ,रकम न देने पर अभिषेक को किन्नर बनाने की धमकी भी देता था।