कार्यक्रम में बोलते मंत्री असीम अरुण।
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में सोमवार को दो दिवसीय समलैंगिक समुदाय की समझ, जागरूकता और संवदेनशीलता विषय पर हुए कार्यक्रम का समापन हुआ। मुख्यअतिथि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि फिल्में समाज का आईना हैं। ये सामाजिक विकास और समावेशिता को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की योजना की घोषणा की और समलैंगिक समुदाय का समर्थन करने वाले संगठनों के साथ शोधकर्ताओं को सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया।
विशिष्ट अतिथि अरविंद नारायण मिश्रा ने फिल्मों को जागरूकता बढ़ाने और सहिष्णुता को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण बायोस्कोप, क्वियरिंग फ्रेम्स था, जिसमें लघु फिल्मों के माध्यम से कहानी कहने की शक्ति का उत्सव मनाया गया। इससे पहले कार्यवाहक कुलपति प्रो. संजय सिंह, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश डीएन श्रीवास्तव, लविवि के प्रो. सीपी सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान ट्रांसजेंडर अधिकारों, सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने, समावेशिता को बढ़ावा देने में शिक्षा और मीडिया की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में छात्रों की बनाई गई सात लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। जो समलैंगिक समुदाय के अनुभवों, संघर्षों और आत्म-स्वीकृति के संदेश को उजागर करती हैं। भाषा विश्वविद्यालय के अर्नव टीम को अपनी पहचान लघु फिल्म पर प्रथम पुरस्कार मिला। लविवि के हर्षित को ब्रेकिंग फ्री के लिए द्वितीय पुरस्कार और बीबीएयू की अनुष्का टीम को व्हाट इफ के लिए तृतीय पुरस्कार मिला। कुलपति प्रो. अमरपाल सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया।