अयोध्या। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों के रोज-रोज तबादलों से सवाल उठने लगे हैं। एक चिकित्सक का तो तीन माह के भीतर छह बार व दूसरे का चार बार तबादला हो गया। फार्मासिस्टों के तबादले भी बिजली की रफ्तार से हो रहे हैं, जिन्हें लेकर महकमे में असंतोष फैलने लगा है।
लेवल-एक के चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज श्रीवास्तव जिले में लगभग पांच साल से तैनात हैं। उन्हें मिल्कीपुर से जून में सीएमओ कार्यालय संबद्ध किया गया। इसके बाद उन्हें उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी बनाया गया। 12 जून को उन्हें उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के पद से हटाकर सीएचसी तारुन भेजा गया। इसके 14 दिन बाद ही वहां से भी हटाकर सीएचसी सोहावल भेजा गया। 21 जुलाई को वहां से देवगांव भेजा गया। सात अगस्त को फिर से सोहावल भेज दिया गया।
वहीं, सीएमओ के अधीन तैनात डॉ. अखिलेश उपाध्याय को एनेस्थीसिया के लिए प्रशिक्षण मिला है। उनकी तैनाती नवागत सीएमओ के आने से पूर्व सीएचसी रुदौली में थी। उन्हें 20 मई को वहां से हटाकर सीएचसी सोहावल भेजा गया। चार जून को सीएचसी बीकापुर तैनात किया गया। 21 जुलाई को जिला महिला अस्पताल तैनात कर दिया गया।
सीएचसी रुदौली में छह जून को एक महिला का प्रसव झाड़ियों में हो गया था। आरोप था कि उसे सीएचसी में तैनात डॉ. अंजू सिंह ने रेफर कर दिया था। इसके बाद उन्हें सात जून को हटाकर सीएचसी मवई भेजा गया था। 14 अगस्त को पूर्व के आदेश को निरस्त करके पुन: सीएचसी रुदौली भेजा गया है। शर्त रखी गई कि वह निजी प्रैक्टिस नहीं करेंगी, मरीजों को बाहर की दवा और जांच नहीं लिखेंगी। ऐसा करने पर उनके खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की संस्तुति करने की चेतावनी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार सीएचसी मसौधा में तैनात फार्मासिस्ट धर्मेंद्र कुमार पांडेय का 28 जून को हैदरगंज सीएचसी तबादला कर दिया गया। बाद में विरोध होने पर आदेश निरस्त कर दिया गया। पुलिस चिकित्सालय में तैनात पवन खुराना का तबादला 21 मई को पीएचसी शुजागंज हुआ था। 30 जून को उन्हें वहां से हटाकर सीएचसी हैरिंग्टनगंज भेज दिया गया। मिल्कीपुर में तैनात फार्मासिस्ट राम शंकर का प्रशासनिक आधार पर सीएचसी हैदरगंज तबादला हो गया। यहीं पर तैनात संतोष मिश्रा को कठोर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इन आदेशों से यहां फार्मासिस्टों में आक्रोश फैल गया है।