मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद शासन ने मंगलवार को वर्ष 2019-20 के लिए सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की वार्षिक स्थानान्तरण नीति जारी कर दी है। इसी के साथ अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले का रास्ता साफ हो गया है। तबादले 30 जून तक किए जा सकेंगे।
बताते चलें 29 मार्च 2018 को 2018-19 से 2021-22 तक के लिए जारी तबादला नीति में प्रत्येक वर्ष 31 मई तक तबादले की कार्यवाही पूरी करने की व्यवस्था है। लोकसभा चुनाव आचार संहिता की वजह से इस बार तय समयसीमा में नीति के तहत तबादले नहीं हो पाए।
आचार संहिता खत्म होने के बाद कार्मिक विभाग ने मुख्यमंत्री से तबादला अवधि 30 जून तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया था। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंघल ने वार्षिक स्थानान्तरण नीति जारी कर दी है।
अब एक ही जिले में तीन साल व मंडल में सात साल तक सेवा पूरी करने वाले अफसरों व कर्मियों का तबादले किया जा सकेगा। स्थानान्तरित अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या की 20 प्रतिशत तक सीमित रखी जाएगी।