बेसिक शिक्षा विभाग से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सालों से जमे बाबुओं
को हटाया जाएगा। इसके तहत बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में छह साल से जमे
बाबुओं को ट्रांसफर किया जाएगा।
उन्हें गैर जिलों में भी भेजा जा सकता है।
जबकि दो साल से एक ही काम देखने वालों को दूसरा काम सौंपा जाएगा।
शासन ने
बेसिक शिक्षा निदेशक को इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसे
बाबुओं को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की जाए।
बेसिक
शिक्षा का अधिकतर काम बेसिक शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों से ही होता
है। बीएसए कार्यालय में तैनात रहने वाले बाबू जल्द वहां से हटना नहीं चाहते
हैं। बाबू जैसा चाहते हैं अधिकारियों से अपने हिसाब से काम कराते हैं।
प्रदेश स्तर पर होने वाली समीक्षा बैठकों में कई बेसिक शिक्षा अधिकारी इसकी
शिकायत भी कर चुके हैं। इसलिए यह फैसला किया गया है कि बीएसए कार्यालय में
छह साल से जो भी बाबू जमे हैं उनका दूसरे स्थानों पर तबादला किया जाएगा।
वहीं जिन बाबुओं के खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं उन्हें बीएसए कार्यालय से
हटाकर स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। इसी तरह शिक्षकों से बाबुओं का काम
नहीं लिया जाएगा।
किसी बीएसए की यदि यह शिकायत मिलती है कि वह शिक्षकों से
बाबुओं का काम ले रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।