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Lucknow News: ... आगरा, कानपुर, बांदा, झांसी, गोरखपुर बस्ती के विशेष ध्यानार्थ विजिलेंस टीम के पुलिसकर्मियों का तबादला, एसडीओ-जेई पर मेहरबानी

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- बिजली चोरी पकड़ने के बाद वसूली के खेल का मामला
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- विभागीय जांच के हुए थे आदेश, इंस्पेक्टर समेत रेड टीम के सभी पुलिसकर्मियों के किए तबादले
- बिजली विभाग के एक भी अफसर पर अब तक कार्रवाई नहीं, बचाने का प्रयास
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। बिजली चोरी पकड़ने के बाद वसूली का खेल करने के मामले में रेड टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया। इंस्पेक्टर समेत चारों पुलिसकर्मियों का अलग-अलग जिलों में तबादला किया गया है। हालांकि अभी तक बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर मेहरबानी बरकरार है। अफसर जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई करने का हवाला दे रहे हैं।
बिजली विभाग व सतर्कता की संयुक्त टीम ने 12 जनवरी को राजभवन उपखंड इलाके में रेड की थी। इसमें अनिल श्रीवास्तव नाम के ग्राहक के मकान में बिजली चोरी पकड़ी थी। वीडियो भी बनाया था, लेकिन रकम लेकर मामला रफादफा कर दिया था। एफआईआर दर्ज नहीं की थी। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया था। तब डीजी यूपीपीसीएल एसएन साबत ने जांच के आदेश दिए थे। यूपीपीसीएल के सीओ जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच के बाद यूपीपीसीएल के एसपी कैप्टन एमएम बेग ने रेड टीम में शामिल इंस्पेक्टर प्रेमचंद्र मिश्रा का आगरा, दरोगा शिव करन यादव का बांदा, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार का झांसी व अमजद खान का बस्ती तबादला कर दिया है। विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर इन पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
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आखिर कब होगी कार्रवाई
रेड टीम में एसडीओ श्रीनिवास, एसडीओ आशुतोष तिवारी, जेई अजय गुप्ता, जेई बृज किशोर, जेई अभिनव भी शामिल थे। जांच इन सभी की भी चल रही है। हालांकि अब तक विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। सवाल है कि आखिर इन अफसरों पर कब कार्रवाई होगी। जब जांच शुरू हुई थी तो तीन दिन में पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। दस दिन बाद भी जांच अधूरी है।
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तबादला कहीं बचाने का खेल तो नहीं
रेड टीम में हेड कांस्टेबल अखिलेश प्रताप सिंह भी शामिल था। कुछ समय पहले ही उसका कानपुर नगर तबादला हो गया था। मामले में उसकी भी भूमिका जांची जा रही है। वह वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है। सख्त विभागीय कार्रवाई करने के बजाए सभी के तबादला कर देने से अफसरों की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आशंका है कि बड़ी कार्रवाई से बचाने के लिए ऐसा किया गया है। हालांकि उच्चाधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं।


प्रकरण की जांच सीओ कर रहे हैं। जांच जल्द पूरी होगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जो लोग भी गड़बड़ी में शामिल होंगे उन पर कार्रवाई होगी।
- प्रज्ञा मिश्रा, एएसपी, यूपीपीसीएल
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