सोमवार को एलडीए में तबादला बम फूटा। एलडीए वीसी सत्येंद्र सिंह ने एक साथ 1046 कर्मचारियों के तबादले किए हैं। प्राधिकरण में कुल 2056 कर्मचारी हैं यानी आधे कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है। तबादलों को एक जुलाई से ही प्रभावी मान लिया गया है। एकमुश्त तबादलों के आदेश ने पूरे प्राधिकरण को सकते में ला दिया है। तबादला का आदेश करने के बाद वीसी रविवार को ही शंघाई (चीन) की विदेश यात्रा पर चले गए हैं। अब कर्मचारी वीसी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी में जुट गए हैं।
29 जून को हुआ तबादला का आदेश पांच दिन तक प्राधिकरण में दबा रहा। किसी को इस आदेश की कानों-कान खबर तक नहीं हुई। सोमवार को अचानक से सामने यह आदेश सामने आया। सभी विभागों के वरिष्ठ नियंत्रक अधिकारियों को इसकी कॉपी सोमवार को वीसी कार्यालय से भेजी गई। कर्मचारियों को जब एकमुश्त तबादले के आदेश की जानकारी मिली तो सुबह से ही इसकी जानकारी करने में जुट गए। दोपहर तक तो पूरा आदेश प्राधिकरण के साथ संबंधित कार्यालयों में भी पहुंचा गया। करीब 40 पेज की सूची में कर्मचारियों के नाम, उनकी मौजूदा तैनाती और नवीन तैनाती की जानकारी इस आदेश के साथ संलग्न की गई थी।
ज्यादातर तबादले प्राधिकरण भवन गोमतीनगर से बाहर किए गए हैं। ऐसे में कर्मचारियों को मुख्यालय छोडकर कम सुविधा वाले दफ्तरों जैसे लालबाग कार्यालय, साइट ऑफिस, 26जनसुविधा केंद्र, प्रवर्तन चौकियों पर ड्यूटी के लिए जाना होगा। इन कर्मचारियों की ड्यूटी की अटेंडेंस और वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी तैनाती की जगह से ही पूरी की जाएगी। कर्मचारियों में गुस्से की एक वजह ये भी है।
तबादला पाने वाले 1046 कर्मचारियों में 40 जेई और 110 बाबू शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर जेई और बाबू लंबे समय से प्राधिकरण भवन में ही टिकेहुए थे। अब इनको जनसुविधा केंद्रों पर शिकायत सुनने के लिए भेजा गया है। बाकी कर्मचारियों में माली, चौकीदार, सुपरवाइजर, मेट जैसे पद शामिल हैं।