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बेसिक शिक्षा विभाग में हुआ बड़ा फेरबदल

Thu, 15 Aug 2013 02:32 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
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आखिरकार राज्य सरकार ने बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग के 44 शिक्षाधिकारियों के तबादले कर ही दिए।
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इसमें 27 जिलों में नए बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को तैनाती दी गई है जबकि 20 जिलों के बीएसए हटाए गए हैं।

लखनऊ के सह जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) राजकुमार को सीतापुर का बीएसए बनाया गया है। प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण जिला माने जाने वाले गौतमबुद्ध नगर के बीएसए अरुण कुमार को वहां से हटा दिया गया है।

विशेष सचिव (बेसिक शिक्षा) हरेंद्रवीर सिंह ने बुधवार को ये आदेश जारी किए। प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में यह तीसरा सबसे बड़ा फेरबदल है।
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गौतमबुद्ध नगर के बीएसए अरुण कुमार को गंभीर शिकायतों के चलते हटा कर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कानपुर नगर का वरिष्ठ प्रवक्ता बनाया गया है। गौमतबुद्ध नगर में अभी किसी की तैनाती नहीं दी गई।

इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा शिविर कार्यालय में विधि अधिकारी के पद पर तैनात दिनेश कुमार राठौर को पहली बार किसी जिले में तैनात करते हुए जालौन का बीएसए बनाया गया है।

आरोपों से घिरे फर्रुखाबाद के बीएसए भगवत पटेल को हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सैफई के अमिताभ बच्चन राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद यादव को इनाम देते हुए कानपुर नगर का बीएसए बनाया गया है।
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श्रावस्ती के बीएसए राममूरत और बलरामपुर के बीएसए सत्य नारायण चौरसिया को शिकायतों के चलते हटा दिया गया है। इन दोनों जिलों में नए शिक्षा अधिकारियों को तैनाती दी गई है।

दागियों को भी मिला मौका
राज्य सरकार ने भले ही काफी सोच-विचार के बाद बीएसए बनाए हों पर कुछ दागी भी मौका पाने में कामयाब हो गए।

कुछ जिलों में ऐसे बीएसए बनाए गए हैं जिन्होंने माया राज में खूब मलाई काटी थी और फिर से मनचाही पोस्टिंग पाने में सफल हुए हैं।

लखनऊ मंडल के एक जिले में ऐसे अधिकारी को बीएसए का चार्ज दिया गया है जिस पर काफी गंभीर आरोप हैं और उसके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है।

कुछ जिलों में ऐसे बीएसए बनाए गए हैं जिन्हें सत्ता बदलने के बाद गैर महत्वपूर्ण पदों पर डाल दिया गया था।
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