रायबरेली। उतरेटिया-रायबरेली रेल खंड में तीन अंडरपास को लेकर हुए काम के दौरान ट्रैफिक ब्लॉक रहा, जिससे रविवार को छह ट्रेनों को बदले हुए रास्ते से चलाया गया। इससे ये ट्रेनें नहीं आईं। इस दौरान रायबरेली, बछरावां समेत अन्य स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा रहा। जो यात्री पहुंचे, उन्हें भी लौटना पड़ा। दूसरी तरफ ट्रैफिक ब्लॉक से पहले और बाद में आई ट्रेनों की लेटलतीफी ने भी यात्रियों को काफी इंतजार कराया। इससे यात्री परेशान रहे।
रूट डायवर्जन के चलते रविवार को गोरखपुर से प्रयागराज जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस, देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल, बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल, हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल और लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर सुल्तानपुर के रास्ते चलाई गईं। इससे ये ट्रेनें रायबरेली जिले से होकर नहीं गुजरीं।
इसके अलावा चंडीगढ़ और प्रयागराज के बीच दौड़ने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस (अप-डाउन दोनों) ढाई घंटे, दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस सवा दो घंटे, सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस सवा घंटे, सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस एक घंटे, प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे घंटे देर से आई।
शनिवार रात बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस सवा दो घंटे, प्रतापगढ़-दिल्ली पद्मावत एक्सप्रेस दो घंटे, प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर व प्रयागराज-सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस सवा घंटे, वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे देर से आई। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि रूट डायवर्जन के चलते छह ट्रेनें नहीं आईं, वहीं ज्यादातर ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट होने के कारण देर से आई हैं।
स्टेशन पहुंचे, इंतजार किया, फिर लौट गए
बछरावां (रायबरेली)। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को उस समय मायूसी हाथ लगी, जब उन्हें पता चला कि ट्रेन नहीं आएंगी। बछरावां, श्रीराज नगर, कुंदनगंज स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेन के इंतजार में यात्री काफी देर बैठे रहे, फिर घरों को लौट गए। बछरावां स्टेशन पर जनता मेल और पंजाब मेल के यात्री भी पहुंचे। जैसे ही उन्हें पता चला, मायूस होकर लौट गए। यात्री ओमप्रकाश और ज्ञानेंद्र ने बताया कि उन्हें पंजाब मेल से जाना था। सीट आरक्षित कराई थी। अब ट्रेन पकड़ने के लिए बस से लखनऊ जाना पड़ेगा।
रामू, शैलेंद्र, विपिन आदि यात्रियों ने कहा कि उन्हें भी जनता मेल से जाना था, लेकिन अब लखनऊ जाकर ट्रेन पकड़नी होगी। अगर समय से पहुंच जाएंगे तो ट्रेन मिल जाएगी, वरना यात्रा निरस्त करनी होगी। ट्रेनों की आवाजाही न होने के कारण स्टेशन पर दोपहर में सन्नाटा पसरा रहा। जो यात्री आए, वे भी कुछ देर इंतजार के बाद घरों को लौट गए। (संवाद)