रायबरेली। महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी दूर नहीं हो पा रही है। मंगलवार को महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें निरस्त रहने के कारण यात्रियों की मुसीबत और बढ़ गई। घंटों इंतजार के बाद भी ट्रेनें नहीं आईं तो श्रद्धालु प्रयागराज जाने के लिए बस स्टेशन पहुंच गए। बसों में भीड़ अधिक होने के चलते धक्कामुक्की व सीट के लिए मारामारी रही। कुछ ट्रेनें आईं तो वह खचाखच भरी थीं।
प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या फिर बढ़ गई है। रेलवे विभाग ने भारी भीड़ के चलते महाकुंभ स्पेशल सात ट्रेनों को 20 फरवरी तक निरस्त कर दिया है। ज्यादातर श्रद्धालुओं को ट्रेनों के निरस्त होने की जानकारी नहीं थी। ऐसे में श्रद्धालु सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर आ गए। सुबह सात से दोपहर के दो बजे गए, लेकिन महाकुंभ जाने वाली स्पेशल ट्रेनें नहीं आईं। ऐसे में यात्री परेशान दिखे। कोई पांच तो कोई छह घंटे ट्रेनों के इंतजार में रेलवे स्टेशन पर बैठा रहा।
सतांव के दुर्जन लोधी ने बताया कि पांच घंटे से स्टेशन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहा हूं। ट्रेन नहीं आई है। अब अन्य वाहन से प्रतापगढ़ जाऊंगा और फिर वहां से प्रयागराज के लिए निकलेंगे। महराजगंज कस्बे की रहने वाली सविता मौर्या परिवार समेत महाकुंभ जाने के लिए स्टेशन पर आई थी। बताया कि ट्रेन नहीं आई है। अब बसों से महाकुंभ स्नान करने जाएंगे। जनता एक्सप्रेस आई तो उस पर सवार होने के लिए लोगों में मारामारी दिखी। ट्रेनें निरस्त रहीं तो बस स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई।
हालात ये रहे कि जो भी बस प्रयागराज के लिए रवाना होती, उसमें बैठने के लिए श्रद्धालु आपस में धक्कामुक्की करते दिखे। स्टेशन अधीक्षक रविरंजन ने बताया कि 20 फरवरी के बाद फिर से महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू होगा।
रेलवे स्टेशन पर खुला महाकुंभ सहायता केंद्र
दिल्ली में हुई घटना के बाद नगर पालिका परिषद रायबरेली की ओर से रेलवे स्टेशन परिसर में महाकुंभ सहायता केंद्र खोला गया है। पालिकाध्यक्ष शत्रोह्न सोनकर के मुताबिक महाकुंभ स्नान जाने वाले श्रद्धालुओं की मदद के लिए यह केंद्र खोला गया है। इसमें बैठने के लिए कुर्सियां रखवाई गई हैं। पानी की व्यवस्था कराई गई है। कौन सी ट्रेन कब आएगी, इसकी जानकारी भी रेलवे अफसरों के जरिए श्रद्धालुओं को दी जाएगी। आठ-आठ घंटे एक पालिका कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है।