लखनऊ। महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में रविवार को भी सीटों के लिए मारामारी रही। चारबाग स्टेशन पर ट्रेनों के प्लेटफॉर्मों पर लगते ही बोगियां फुल हो गईं। सीट के लिए जारी जद्दोजहद के बीच जीआरपी, आरपीएफ सहित सिविल पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी।
महाकुंभ अंतिम चरण में है। ऐसे में जिन्होंने अब तक संगम में डुबकी नहीं लगाई है, उनकी भीड़ उमड़ रही है। रविवार शाम चारबाग में रवाना होने वाली गंगा गोमती व इंटरसिटी खचाखच भरी नजर आई। वहीं, लंबे समय बाद त्रिवेणी के पटरी पर लौटने से यात्रियों को राहत मिली। चारबाग, आलमनगर, गोमतीनगर से प्रयागराज के लिए चलाई गईं 14 स्पेशल ट्रेनों ने कुछ राहत दी। तत्काल कोटे से भी सफर कुछ आसान बना। हालांकि, सीटों के लिए मारामारी बनी रही।
भीड़ अंदर, दिव्यांग-महिलाएं बाहर
चारबाग से रवाना हुई ट्रेनों के दिव्यांग व महिला कोचों में सामान्य यात्रियों का कब्जा दिखा। भीड़ अंदर और दिव्यांग, महिलाएं बाहर खड़ी नजर आईं। जीआरपी व आरपीएफ ने इन्हें बोगियों में बैठाया। लगेजयान में सवार यात्रियों को भी उतारा गया।
खाली करवाईं आरक्षित बोगियां
बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस की एसी बोगी से अमिता सिंह महाकुंभ जा रही थीं। चारबाग स्टेशन पर उनके कोच में श्रद्धालु घुस गए और सीट पर कब्जा कर लिया। इसकी शिकायत पर आरपीएफ ने सीट खाली करवाई। ऐसे ही अन्य ट्रेनों की आरक्षित बोगियों से जनरल के टिकट पर सफर करने वालों को निकाला गया।
ट्रेन से मिली मायूसी बस ने की दूर
गंगा गोमती, वंदे भारत, त्रिवेणी, बरेली प्रयागराज, योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में लंबी वेटिंग से ने यात्रियों को मायूसी हाथ लगी। बड़ी संख्या में लोग आलमबाग बस अड्डे पहुंचे और बसों से महाकुंभ के लिए यात्रा की। लग्जरी बसों तक में आसानी से सीटें मिल गईं। रोडवेज प्रशासन ने रविवार को 315 बसें चलवाईं। इसके अतिरिक्त 76 बसें डिपो में रिजर्व रखी गई थीं, जिनमें से 12 को चलाया गया।