अलीगंज स्थित एनीमेशन सेंटर में लगी आग से बचने के लिए प्रथम तल से छलांग लगाने वाले 26 वर्षीय जयंत गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। कूदने के दौरान गेट पर लगी सरिया उनकी कमर में धंस गई, जिससे वह जख्मी हो गए। खून से लथपथ हो गए। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज में जुटी है। खून अधिक बहने से खून भी जख्मी युवक को चढ़ाया गया है।
जयंत ऐशबाग स्थित एलडीए कॉलोनी के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रदीप कुमार ने बताया कि बेटा एनीमेशन का कोर्स कर रहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि करियर बनाने का सपना लेकर जिस सेंटर में बेटा जा रहा है, वहां उसकी जान खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने बताया कि बेटा सुरक्षित है। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। घटना के वक्त बेटे ने आग लगने की सूचना फोन पर दिया था। बेटा चीखते हुए फोन पर बोला पापा आज शायद न बच पाए। भीषण आग में फंस गया हूं। यह सुनकर मैं भी घबरा गया था। ट्रॉमा पहुंचा तो पता चला बेटा खतरे से बाहर है।
मेरी जान बच गई, लेकिन मेरा दोस्त भविष्य की जान चली गई ... यह कहते हुए पंकज की फफक कर रोने लगा। हादसे की दहशत और दोस्त को खोने का दर्द उसके चेहरे पर साफ झलक रहा था। उत्तराखंड निवासी पंकज ने बताया कि वह और उसका दोस्त भविष्य एनीमेशन की दुनिया में कुछ बड़ा करने का सपना लेकर आगे बढ़ रहे थे। हम दोनों ने साथ बैठकर अपने करियर के सपने बुने थे। पंकज ने बताया कि भविष्य अल्मोड़ा का रहने वाला था। दोनों ने एक साथ पढ़ाई कर रहे थे। ताकि एनीमेशन के क्षेत्र में पहचान बनाने की उम्मीद थी। लेकिन इस अग्निकांड की घटना ने सब कुछ बदल दिया। सपने की दुनिया धूमिल हो गई। पंकज ने कहा कि आज उसकी जान तो बच गई, लेकिन उसका सबसे करीबी दोस्त उससे हमेशा के लिए दूर हो गया। जिस भविष्य के साथ सपने पूरे करने थे, वह सपना अधूरा रह गया। दोस्त की याद आते ही पंकज की आंखों से आंसू छलकने लगते थे। हादसे ने सिर्फ जिंदगी नहीं छीनी, कई परिवारों और दोस्तों के सपने भी तोड़ दिए।
उत्तराखंड के गढ़वाल निवासी शैलेंद्र ने बताया कि आग लगने के बाद देखते ही देखते हॉल में धुआं भर गया। हालात इतने खराब थे कि दरवाजे से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने के लिए खिड़की से बाहर निकलने का प्रयास किया। मजबूरी में बिजली के तार पकड़कर नीचे आने की कोशिश की। बिजली के तार भी जल रहे थे। जिससे दोनों हाथ झुलस गए। शैलेंद्र ने बताया कि आग लगते ही फायर विभाग को सूचना दी गई थी। लेकिन करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक अंदर फंसे लोगों की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। धुएं और आग के बीच हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था।
एनीमेशन सेंटर के आसिफ ने बताया कि हादसे के वक्त हालात बेहद भयानक थे। चारों तरफ धुआं और आग का धुआं फैला हुआ था। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। सांस भी नहीं ले पा रहे थे। आसिफ ने बताया कि उसके साथ दूसरी मंजिल पर मौजूद तीन-चार लोग ही किसी तरह बाहर निकल पाए। बाकी साथियों का अब तक पता नहीं चल सका है। उन्होंने कहा कि आग और धुएं ने ऐसा घेरा बना लिया था कि बाहर निकलना मुश्किल लग रहा था। आंखों के सामने कई साथी अपनी जान गंवा गए।
बचने के लिए खुद को बाथरूम में किया बंद
आग इतनी भयावह थी कि बाहर मौजूद भीड़ बेबस नजर आई। कुछ लोगों ने पत्थर चलाकर खिड़की तोड़ने की कोशिश भी की, लेकिन असफल रहे। आग से बिल्डिंग के ऊपर लगाए गए विज्ञापन के बोर्ड जलकर नीचे गिरने लगे, जिससे स्थानीय लोग आग बुझाने में कामयाब नहीं हो सके। बिल्डिंग के भीतर फंसे कुछ लोगों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। यही नहीं, नल खोलकर पानी गिराते रहे ताकि आग उन तक न पहुंचे।
बिजली के तार से लटक कर बचाई जान
पहले तल से शुरू हुई आग देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में फैल गई। भीतर फंसे लोगों ने कुर्सी फेंककर कांच का शीशा तोड़ा। इसके बाद कुछ लोग बिजली का तार पकड़कर लटक गए। हालांकि, ज्यादा देर तक वह खुद को बचा नहीं सके आग की लपटों के कारण नीचे गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
छत से लगाई छलांग, नहीं बची जान
आग की लपटों में घिरे एक युवक ने खिड़की तोड़ने के बाद छत से नीचे छलांग लगा दी। इस बीच बिल्डिंग के बाहर से जा रही बिजली के तार से वह टकरा गए। इससे अनियंत्रित होकर वह सीधे गेट के नुकीले रेलिंग पर गिर गए। इससे रेलिंग युवक के पेट में घुस गई। स्थानीय लोगों ने लहुलुहान युवक को वहां से किसी तरह निकाला और अस्पताल लेकर गए, जहां उनकी जान चली गई।