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आईआईएम से किसान पथ के बीच बन रहा ग्रीन कॉरिडोर हो ट्रैफिक सिग्नल फ्री

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ग्रीन कॉरिडोर पर प्रजेंटेशन लेते हुए नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन। - फोटो : ??? ?????
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आईआईएम से किसान पथ के बीच बन रहे ग्रीन कॉरिडोर को सिग्नल फ्री तैयार किया जाएगा। इसके लिए पूरा रोड नेटवर्क कंट्रोल्ड एक्सेस में रहेगा।
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अभी केवल चार जगह प्रवेश व निकास चिह्नित किए गए हैं, इनकी संख्या जरूरत के मुताबिक तकनीकी टीम की सहमति के बाद ही बढ़ सकेगी। प्रवेश व निकास को भी इस तरह डिजाइन किया जा रहा है ताकि ट्रैफिक न फंसे।
एलडीए अधिकारियों का कहना है कि शहर का अब तक का सबसे लंबा 7.50 किमी. लंबा एलीवेटेड सेक्शन ग्रीन कॉरिडोर में बनेगा।
गोमती बैराज से होर्डिंग ब्रिज के बीच यह एलीवेटेड सेक्शन तैयार किया जाएगा। ऐसा यहां जमीन मिल पाने में दिक्कत और आबादी की बसावट की वजह से किया जा रहा है। गोमती के ऊपर कोई नया पुल बनाने का काम इस प्रोजेक्ट में शामिल नहीं है।
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शुक्रवार को नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने ग्रीन कॉरिडोर का प्रजेंटेशन लिया। नगर विकास मंत्री को पूरे प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी गई। उनको बताया गया कि प्रोजेक्ट को दो चरण में पूरा किया जाना है।
इसमें पहला भाग आईआईएम रोड से शहीद पथ 25 किमी. और दूसरा भाग शहीद पथ से किसान पथ 5.5 किमी. होगा। पहले भाग पर अभी चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। पहला चरण आईआईएम से होर्डिंग ब्रिज (पक्का पुल) के बीच रहेगा।
नगर विकास मंत्री ने कहा कि संभावित अड़चन जैसे जमीन विवाद, पर्यावरण या पुरातत्व एनओसी का आकलन पहले ही कर लिया जाए।
पीडब्ल्यूडी से अभी तक नोडल अधिकारी तय नहीं किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि अधिकारी इसे गंभीरता से लें। बजट के लिए पीडब्ल्यूडी सहित सिंचाई, आवास व्यवस्था कर लें।
प्रजेंटेशन के दौरान अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ. रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, मंडलायुक्त रंजन कुमार, डीएम व वीसी अभिषेक प्रकाश, नगर आयुक्त अजय द्विवेदी, एलडीए सचिव पवन गंगवार, मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह के अलावा टाटा कंसटेंट्स इंजीनियर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए।
फर्राटे से दौड़ेंगे वाहन
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ग्रीन कॉरिडोर में ट्रैफिक सिग्नल नहीं होने से वाहन फर्राटे से दौड़ सकेंगे। प्रवेश-निकास खास डिजाइन के साथ तैयार होंगे जो सुविधाजनक होने के अलावा खूबसूरत दिखेंगे। अभी आईआईएम के अलावा निशातगंज, शहीद पथ और किसान पथ पर ही प्रवेश व निकास दिए जाएंगे। हर जगह का डिजाइन भी अलग हो सकता है।
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2000 करोड़ का आएगा खर्च
मंत्री को बताया गया कि प्रोजेक्ट पर करीब 2000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह बजट सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी और आवास विभाग को साझा करना है। एलडीए नोडल विभाग की तरह काम करेगा। इसके लिए एक पीआईयू का गठन भी किया गया है।
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