लखनऊ। राजधानी में रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन परियोजना के तहत 12 प्रमुख मार्गों पर यातायात उपनिरीक्षक एक सिपाही के साथ भ्रमणशील रहेंगे। इसके लिए 25 सब रूट मार्शल तैनात किए गए हैं। ये रोजाना 70 ये 100 किलोमीटर तक घूमेंगे और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मददगार साबित होंगे। इस व्यवस्था से यातायात दबाव की पहचान भी हो सकेगी।
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के मुताबिक भारी बारिश, जलभराव, मार्गों की चौड़ाई में कमी, वाहन खराब होने व अन्य आकस्मिक कारणों से कई स्थानों पर यातायात पर असामान्य दबाव पैदा हो सकता है। ऐसी परिस्थिति में परियोजना का महत्व बढ़ जाता है। इसका आधार किसी एक चौराहे पर स्थायी तैनाती के बजाय लगातार भ्रमण, सूचना-आधारित त्वरित प्रतिक्रिया और समाधान करना है।
उल्लेखनीय है कि डीजीपी राजीव कृष्ण ने रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन परियोजना शुरू की थी। इसके तहत राजधानी के 12 प्रमुख मार्ग चिह्नित किए गए थे। परियोजना का उद्देश्य यातायात दबाव वाले मार्गों, प्रमुख चौराहों, जाम व अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को तय कर उनकी निगरानी करना है।
यातायात को किया जाएगा सुगम
इस व्यवस्था में किसी स्थान पर यातायात का दबाव होने की सूचना मिलने पर निकटतम मोबाइल इकाई को संबंधित स्थान पर भेजा जाएगा। स्थिति का आकलन कर स्थानीय यातायातकर्मियों से समन्वय कर आवागमन सुगम किया जाएगा। यातायात पुलिस के पास पहले से 42 रेसर मोबाइल बाइकें उपलब्ध थीं। इन पर दो-दो यातायात कर्मी तैनात रहते थे। इन 42 में से 25 रेसर मोबाइल को सब रूट मार्शल में लगाया गया है। ये हजरतगंज, महानगर, गोमतीनगर, विभूतिखंड, वजीरगंज, कृष्णानगर, कैंट, चौक सहित विभिन्न यातायात सर्किलों में सक्रिय रहेंगे।