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Lucknow News: व्यापारियों ने कहा... शक के आधार पर माल सीज करना गलत

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अमर नाथ मिश्रा और संजय गुप्ता। 
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लखनऊ। होली से ठीक पहले शुरू हुई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की छापेमारी से व्यापारी परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि एफएसडीए की टीम सिर्फ शक के आधार पर तेल, घी, रिफाइंड आदि के नमूने लेकर हजारों लीटर तेल सीज कर बिक्री पर रोक लगा रही है। नमूनों की रिपोर्ट आने में हफ्ता भर से ज्यादा का समय लगेगा, तब तक हजारों लीटर तेल सीज रहेगा और त्योहार भी बीत जाएगा। इससे व्यापारियों को नुकसान के सिवाय कुछ हासिल नहीं होगा।
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खाद्य तेल से जुड़े व्यापारियों के अनुसार छापे की कार्रवाई से कारोबार चौपट हो रहा है। व्यापारी नेताओं ने कार्रवाई और उसके वक्त पर सवाल उठाए हैं। पिछले तीन दिन से लखनऊ की कई खाद्य तेल विनिर्माण इकाइयों पर एफएसडीए ने छापे की कार्रवाई की है। कारोबारियों के मुताबिक राजधानी में अब तक डेढ़ करोड़ से ज्यादा का खाद्य तेल सीज किया गया है। त्योहारों पर खाद्य तेलों की आवक बाहर से होती है। लखनऊ आने वाले खाद्य तेल से भरे टैंकर पहले से ही तय मानक और जांच के अनुरूप आते हैं, फिर भी ठीक त्योहार के समय माल सीज करने से बहुत से व्यापारियों का कारोबार चौपट हो गया है। तेल में मिलावट है या नहीं, इसकी रिपोर्ट आने में कम से कम छह दिन लगते हैं। कुछ रिपोर्ट में तो महीने भर बाद आती है। अब वह चाहकर भी सीज तेल बेच नहीं सकते और त्योहार बाद मांग एकदम से घट जाएगी। इससे करोड़ों की पूंजी फंस रही है।



प्रमुख सचिव से मिलकर दर्ज कराएंगे आपत्ति

लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि यदि एफएसडीए के पास ऐसी कोई मशीन है जिससे तेल की तुरंत जांच हो सके तो वह खुद ऐसी कार्रवाई का समर्थन करेंगे। सिर्फ मिलावट के शक के आधार पर करोड़ों का माल सीज करना और सप्ताह या महीने तक रिपोर्ट का इंतजार करना कहीं से व्यावहारिक नहीं है। एफएसडीए को त्योहार से कुछ दिन पहले ही ऐसी कार्रवाई की याद क्यों आती है? प्रमुख सचिव से मिलकर मामले में बढ़ती लालफीताशाही के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराएंगे।
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शक के आधार पर कार्रवाई ठीक नहीं

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता का कहना है कि होली और दिवाली के सप्ताह भर पहले से इस तरह की कार्रवाई होती है। जब व्यापारी अच्छे कारोबार की उम्मीद में स्टॉक भर लेता है तब एफएसडीए की कार्रवाई से सारी पूंजी फंस जाती है। जब तक दोष सिद्ध न हो जाए किसी भी व्यापारी के प्रतिष्ठान की गुडविल खराब करना अपराध है। ऑनलाइन बाजार ने पहले से ही नुकसान किया हुआ है। अब एफएसडीए के अधिकारी भी व्यापारियों को तबाह करने पर तुले हैं।
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अमर नाथ मिश्रा और संजय गुप्ता। 

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