लखनऊ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई के पदाधिकारियों ने महानगर स्थित गोल मार्केट के बैंक्वेट हॉल में बैठक कर एलडीए की सीलिंग कार्रवाई का विरोध किया। अग्निशमन ऑडिट के नाम पर कोचिंग सेंटरों, बेसमेंट में संचालित कार्यालयों, होटलों एवं नर्सिंग होम को सील करने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई गई।
जिलाध्यक्ष अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि यदि आज प्राधिकरण स्वयं यह दावा कर रहा है कि 94 प्रतिशत व्यावसायिक भवन नियमों के विपरीत बने हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने जनहित याचिका दाखिल करने पर जोर दिया। उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के अध्यक्ष कमलेश त्रिपाठी ने कहा कि 80 प्रतिशत कोचिंग संस्थान आवासीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। सरकार यदि निजी कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई कर रही है, तो यह भी स्पष्ट करे कि विद्यार्थियों के लिए उसने कितने वैकल्पिक कोचिंग केंद्र स्थापित किए हैं। सीलिंग की कार्रवाई होने पर मौके पर पहुंचकर लोकतांत्रिक ढंग से विरोध जताने का संकल्प लिया गया। महामंत्री योगेंद्र सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष मंगलेश मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, संजय जायसवाल आदि मौजूद रहे।