लखनऊ। कृषि उत्पादन मंडी समिति में लागू की गई जियो टैगिंग व्यवस्था पर लखनऊ व्यापार मंडल ने एतराज जताया है। मंगलवार को गौतम बुद्ध मार्ग स्थित व्यापार मंडल कार्यालय में गल्ला एवं खाद्य व्यापारियों की बैठक करते हुए पदाधिकारियों ने व्यवस्था पर रोष प्रकट किया।
लखनऊ गल्ला खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि नई व्यवस्था से व्यावहारिक कठिनाइयां बढ़ाने वाली है। इससे व्यापारिक गतिविधियों में अनावश्यक देरी भी होगी। इसलिए यह व्यवस्था तुरंत वापस ली जानी चाहिए। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने भरोसा दिया कि जल्द ही मंडी निदेशक के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में राजेंद्र अग्रवाल, मनीष गुप्ता, राजकुमार अग्रवाल, मोनू, रामशंकर अवस्थी, दीपक अग्रवाल, जयकुमार अग्रवाल, प्रशांत गर्ग, कृष्ण जीवन रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
आज मंडी निदेशक को ज्ञापन देंगे पदाधिकारी
भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि प्रदेश की 220 गल्ला और सब्जी मंडियों समेत किराना मंडी में धनिया, हल्दी, मिर्चा, जीरा, सौंफ व लकड़ी, रूई जैसे उत्पादों में गेट पास व प्री एराइवल स्लिप की पहले से ही व्यवस्था लागू है। इसके बावजूद वाहन की जियो टैगिंग और गेट पास की समय सीमा के खिलाफ निदेशक मंडी परिषद को ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रदेश की विभिन्न गल्ला व सब्जी मंडियों के व्यापारी, उप्र दाल मिलर्स एसोसिएशन, राइस मिलर्स एसोसिएशन, टिंबर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी व व्यापारी मौजूद रहेंगे।
एक जुलाई से लागू है व्यवस्था
मंडी परिषद ने कर चोरी रोकने के मकसद से प्रदेश में दूसरे राज्यों से कृषि उत्पाद लाने पर एक जुलाई से वाहन की जियो टैगिंग कराने की व्यवस्था लागू की है। यूपी व्हीकल मंडी टैगिंग एप से वाहनों की टैगिंग की जा रही है। जब कोई गाड़ी माल लेकर प्रदेश की एक मंडी से दूसरी मंडी जाएगी तो गेट पास के लिए वाहन चलने से पहले जियो टैग कराएगी। वहीं, दूसरे राज्य से माल लाने पर प्री अराइवल श्रेणी में टैगिंग करानी होगी।