सुभाष मार्ग पर प्रदर्शन करते व्यापारी।
लखनऊ। मंडियों में जियोटैग एप के जरिये वाहनों की टैगिंग, गेट पास की समय-सीमा और प्रोपराइटरशिप फर्मों को पार्टनरशिप में बदलने के प्रावधानों के विरोध में रविवार को प्रदेशभर के व्यापारी राजधानी में जुटे। व्यापारियों ने सुभाष मार्ग पर करीब तीन घंटे प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन तैयार कर पुलिस आयुक्त को सौंपा। 11 व्यापारियों ने ज्ञापन पर खून से हस्ताक्षर कर विरोध दर्ज कराया। मांगें पूरी नहीं होने पर बेमियादी हड़ताल और अनशन की चेतावनी दी गई।
भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, राष्ट्रीय महामंत्री बनवारी लाल गुप्ता, लखनऊ व्यापार मंडल के चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल और अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में 500 से अधिक व्यापारी प्रदर्शन में शामिल हुए। व्यापारी नेताओं ने कहा कि जियोटैगिंग व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश में 451 व्यापारियों और उद्यमियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनका आरोप है कि यह व्यवस्था ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की भावना के विपरीत है।
व्यापारियों ने कहा कि एक जिले से दूसरे जिले तक कृषि उत्पाद ले जाने के लिए जारी गेट पास की समय-सीमा बेहद कम और अव्यावहारिक है। समय-सीमा खत्म होने पर कई मामलों में व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है, जबकि इससे मंडी शुल्क चोरी का कोई संबंध नहीं है।
व्यापारियों ने वाहन टैगिंग व्यवस्था वापस लेने, जारी नोटिस रद्द करने और गेट पास की समय-सीमा खत्म करने की मांग की। चेतावनी दी कि एक सप्ताह में व्यवस्था वापस नहीं हुई तो पूरे प्रदेश की गल्ला-किराना मंडियों में काले झंडे लगाए जाएंगे और मंडी परिषद कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना व अनशन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बाजार बंद रहे।
सुभाष मार्ग पर प्रदर्शन करते व्यापारी।