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UP News: दुबग्गा मंडी में 200 की क्षमता... जारी कर दिए 650 लाइसेंस; व्यापारी और किसान झेल रहे मुसीबतें

Tue, 08 Apr 2025 09:12 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

दुबग्गा मंडी में जाम और अतिक्रमण की समस्या विकराल हो गई है। ट्रकों की लंबी कतारें और फुटकर विक्रेताओं द्वारा सड़कों पर अतिक्रमण के कारण मंडी में सुचारु रूप से कारोबार नहीं हो पा रहा है। इसके चलते किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। व्यापारी भी समय पर माल का निस्तारण नहीं कर पाते।
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सब्जी मंडी। (सांकेतिक) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ की दुबग्गा सब्जी एवं फल मंडी में व्यापारियों और किसानों को लगातार अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। 36 एकड़ में फैली इस मंडी में हर दिन 1500 व्यापारी और किसान विभिन्न जिलों से आते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी और मंडी विस्तार का काम अधर में लटका होने के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। 

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मंडी समिति ने 200 व्यापारियों की क्षमता के बावजूद अब तक 650 लाइसेंस जारी कर दिए हैं। यही नहीं, मंडी विस्तार के नाम पर 350 नए लाइसेंस भी जारी कर दिए गए, लेकिन मंडी विस्तार की योजना वर्षों से अधर में लटकी है। 49 एकड़ में विस्तार की योजना 25 साल पहले बनाई गई थी, लेकिन बजट की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका है।

मंडी की अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि सड़क पर धूप में खड़े होकर व्यापारी और किसान अपना कारोबार करने को मजबूर हैं। मंडी में जगह की कमी, अवैध कब्जे और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में आढ़तियों और किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हर दिन मंडी में लगभग डेढ़ करोड़ का कारोबार होता है, लेकिन व्यापारियों को बैठने, ट्रकों की पार्किंग और सामान रखने की जगह भी नहीं मिल पाती। 

कई जिलों से आते हैं व्यापारी

दुबग्गा मंडी में लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, हरदोई, उन्नाव, कानपुर, सीतापुर, लखीमपुर, गोंडा, हमीरपुर, बस्ती, देवरिया, मऊ सहित कई जिलों से व्यापारी और किसान अपनी फसल लेकर आते हैं। मंडी में जगह की कमी के चलते किसानों को अपना माल सड़कों पर ही बेचना पड़ता है। खराब मौसम में यह स्थिति और विकट हो जाती है।

मंडी विस्तार की योजना अधर में, बढ़ रही समस्याएं

मंडी में कार्यरत व्यापारी और किसान जल्द से जल्द मंडी विस्तार की मांग कर रहे हैं। गोलाकुआं गांव के रहने वाले किसान कैलाश मौर्या का कहना है कि यदि मंडी का विस्तार समय पर हो जाता है तो न केवल व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि किसानों को भी अपनी उपज बेचने में आसानी होगी। इसके अलावा, जाम और अतिक्रमण की समस्या से भी निजात मिलेगी। 

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किसान राजू निवासी बेहटा ने बताया कि मंडी समिति से लगातार विस्तार की मांग की जा रही है। यदि विस्तार हो जाता है तो मंडी में लगने वाले जाम और अव्यवस्थाओं से निजात मिलेगी। दुबग्गा के व्यायापारी आरिफ खान का कहना है कि मंडी में क्षमता से अधिक लाइसेंस व्यापारियों को जारी किए गए है। इससे कारोबार में दिक्कत हो रही है। बरावन खुर्द निवासी व्यापारी पुष्पेंद्र लोधी का कहना है कि सुविधाओं का अभाव और जगह की कमी से व्यापारियों और किसानों को समस्या होती है। अफसरों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

मंडी विस्तार का चल रहा प्रयास

मंडी विस्तार की योजना पर लगातार प्रयास किया रहा है, मंडी में किसी भी व्यापारी व किसान को दिक्कत न होने पाए इसके लिए व्यापक प्रबंध किए गए है। -रेनू वर्मा, दुबग्गा मंडी सचिव

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