लखनऊ। रेलवे ट्रैक की निगरानी और मरम्मत की व्यवस्था को आधुनिक बनाते हुए अब ट्रैकमैनों को जीपीएस के साथ बॉडी कैम से भी लैस किया गया है। इस तकनीक से अधिकारी न केवल ट्रैक की लाइव स्थिति देख सकेंगे, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना या तकनीकी खराबी के दौरान वीडियो के जरिये तत्काल दिशा-निर्देश भी दे सकेंगे।
विशेष रूप से कोहरे के दौरान ट्रैक मेंटेनेंस जोखिम भरा होता है। जीपीएस के जरिये कंट्रोल रूम ट्रैकमैन की सटीक लोकेशन ट्रैक करेगा, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी और पास से गुजरने वाली ट्रेनों के लोको पायलटों को समय पर अलर्ट भेजा जा सकेगा। इस सिस्टम से रेलकर्मियों के कार्य का पूरा लेखा-जोखा (तय दूरी और रूट) भी रिकॉर्ड होगा।
ट्रैक पर कोई खामी मिलने पर कर्मचारी अब लाइव वीडियो के जरिये कंट्रोल रूम में बैठे विशेषज्ञों की मदद ले सकेंगे। साथ ही, जीपीएस की मदद से आपात स्थिति में राहत संसाधनों को तुरंत मौके पर पहुंचाना आसान होगा। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, इज्जतनगर और वाराणसी मंडलों में इस सुविधा को लागू किया जा रहा है।