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आपके लिए 50 हजार आशियाने, वाटर पार्क भी

Sun, 15 Jun 2014 11:52 AM IST
ऋषि मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
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राजधानी में बंथरा से लेकर कानपुर सीमा (गंगा पुल) तक दो टाउनशिप और टूरिज्म जोन का विस्तार होगा।
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इसमें जहां लखनऊ की सीमा पर हजारों परिवारों को आशियाना मिलेगा, वहीं नवाबगंज पक्षी विहार के पास टूरिज्म जोन भी डवलप होगा।

यहां मनोरंजन पार्क और वाटर पार्क जैसे स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके आगे उन्नाव क्षेत्र में ईको फ्रेंडली उद्योगों को विकसित करने के लिए बड़े और छोटे प्लाट आवंटित किए जाएंगे।

लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (लीडा) लखनऊ और उन्नाव क्षेत्र के अपने 90 नोटिफाइड गांवों में कुछ इसी तरह का विकास करेगा।

2000 परिवारों को आवास मिलेगा

पहली मल्टीस्टोरी स्कीम के जरिए लीडा कम से कम 2000 परिवारों को आवास देने की तैयारी कर रहा है। बहुत जल्द ही लीडा अपने क्षेत्र के गांवों में अर्जन और डवलपमेंट का काम करेगा।

जानकारी के अनुसार लीडा भविष्य में अपने क्षेत्र में करीब 50,000 आशियाने और 300 से अधिक छोटे बड़े उद्योग लगाने की तैयारी में है।

लीडा के उन्नाव और लखनऊ में कुल 90 गांव हैं। इनमें से 45 लखनऊ और 45 उन्नाव की सीमा में हैं।

एलडीए की महायोजना के विस्तारित क्षेत्र में जो 197 गांव हैं, उनमें से 37 लीडा क्षेत्र के हैं। जबकि, आठ गांव का नोटिफिकेशन पहले ही लीडा केलिए किया जा चुका है।

टाउनशिप ए : बिजनौर रोड और बंथरा के गांव होंगे शामिल

इसमें न केवल आवास होंगे बल्कि नॉन पाल्यूटिंग इंडस्ट्री भी होगी। प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में 800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव किया गया।

इसमें लगभग 400 एकड़ लखनऊ में होगा। 400 एकड़ में 26 फीसदी लैंडयूज रिहायशी होगा। इसका मतलब है कि, 101 एकड़ में रिहायश दी जाएगी। इसमें कम से कम 50 हजार परिवारों को बसाया जाएगा।

मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों के लिए जो 750 करोड़ रुपये का बजट लीडा ने पास किया है, उसमें कम से कम 2000 लोगों को आशियाना दिया जाएगा। वहीं 18 एकड़ में कामर्शियल एक्टीविटी जैसे शापिंग माल, होटल और दुकानें होंगी। 80 एकड़ हिस्सा हरियाली को समर्पित होगा। इसमें पार्क और अन्य ग्रीन पैच छोड़े जाएंगे।

जबकि, 16 फीसदी जमीन ट्रांसपोर्टेशन यानी लगभग 62 एकड़ भूमि सड़क और अन्य परिवहन साधनों को बनाने में उपयोग होगी।

टाउनशिप बी : नवाबगंज पक्षी विहार के आगे होगा टाउनशिप

इस टाउनशिप में लीडा औद्योगिक विकास ही करेगा। उन्नाव की अंतिम सीमा जो कानपुर से पहले गंगा के पुल तक जाती है, वहां ये टाउनशिप बनाई जाएगी।

लीडा के मुताबिक, इस टाउनशिप में उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीएसआईडीसी) की तर्ज पर उद्योग विकसित करने के लिए छोटे और बड़े प्लाटों का आवंटन किया जाएगा। यहां पर कोशिश की जा रही है कि क्षेत्र की हरियाली बनी रहे।

साथ ही केवल प्रदूषण रहित उद्योग (नॉन पाल्यूटिंग इंडस्ट्री) ही लगाई जाए। इसकी डीपीआर बनाने का काम भी लीडा बहुत जल्द शुरू करेगा। यहां करीब 200 छोटे बड़े उद्योग लगाने की जगह दी जाएगी।
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टूरिज्म जोन में मनोरंजन पार्क

नवाबंज पक्षी विहार के नजदीक टूरिज्म जोन बनाया जाएगा। यहां मनोरंजन और वाटर पार्क के अलावा होटल और शैक्षणिक संस्थानों को बनाया जाएगा।

जिससे इस क्षेत्र की ओर पर्यटकों और युवाओं का आकर्षण बढ़े। इससे नवाबगंज क्षेत्र एक बेहतर पर्यटन क्षेत्र के तौर पर उभरेगा। यहां बड़े बड़े प्लाट और क्षेत्र कंपनियों को दिए जाएंगे।

इस क्षेत्र के पर्यावरण महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां विकास किया जाएगा। जिससे केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। यहां कंक्रीट का नया जंगल खड़ा करने की कोशिश कतई नहीं की जाएगी।
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