प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पार्टी सांसदों को हिदायत दी है कि वे अपने मोबाइल फोन बंद न रखें। उन्होंने उनसे संगठन के कामकाज में सक्रियता से शामिल होने को कहा है।
साथ ही निर्देश दिया है कि सांसद अपने सहायक या प्रतिनिधि ऐसे व्यक्ति को बनाएं जिसकी अच्छी छवि हो और बातचीत का तरीका शालीन और विनम्र हो।
वाजपेयी शनिवार को अवध क्षेत्र के भाजपा सांसदों की बैठक कर रहे थे। बैठक में पूरी तरह मोदी का इफेक्ट छाया रहा। कुछ सांसदों की गैरहाजिरी पर वाजपेयी ने कड़ा रुख दिखाया।
संघर्ष का आह्वान
वाजपेयी ने कहा कि चुनाव में भाजपा की जीत से बौखलाई सपा सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है।
सांसदों को कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होकर सरकार के उत्पीड़न का मुकाबला करना चाहिए। वाजपेयी ने बैठक में आए सांसदों का सम्मान किया। उनसे विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
कुछ सांसद रहे गैरहाजिर
बैठक में सांसद बृजभूषण शरण सिंह, कौशल किशोर, लल्लू सिंह, साक्षी महराज, अंशुल वर्मा और सावित्री बाई फूले बैठक में मौजूद नहीं थीं।
कार्यकर्ताओं को न भूलें
वाजपेयी ने कहा, पार्टी ने विधान सभा की 337 सीटों पर बढ़त बनाई है। इसी से सपा सरकार बौखला गई है। सांसद इसके लिए संघर्ष करें। वरिष्ठ नेता लालजी टंडन ने कहा कि पार्टी में कार्यकर्ता सर्वोपरि होता है।
उसकी मेहनत व लगन से ही पार्टी को प्रचंड बहुमत प्राप्त हुआ। समारोह की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष मुकुट बिहारी वर्मा एवं संचालन क्षेत्रीय महामंत्री भिखारी सिंह ने किया।
समारोह को प्रदेश उपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ल व संगठन मंत्री अशोक तिवारी ने भी संबोधित किया।