यदि आपके घर पर भी कोई मरीज है जिसकी दवाएं शुक्रवार तक खत्म हो सकती हैं तो गुरुवार को ही दवा खरीद लें।
शुक्रवार (28 मार्च) को केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल के कारण राजधानी में दवा दुकानें बंद रहेंगी।
केमिस्ट कुछ रोग की दवाएं बेचने के बारे में केंद्र सरकार के नए नियम का विरोध कर रहे हैं। बंदी के बाद केंद्र में नई सरकार के गठन तक दवा व्यापारी इंतजार करेंगे।
इसके बाद इस मामले में फिर वार्ता की जाएगी। लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरिराज रस्तोगी बुधवार को जिमखाना क्लब में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने शेड्यूल एच-1 में शामिल एंटीबायॉटिक्स, टीबी और मानसिक रोग की दवाएं बिना पर्चे के देने पर रोक लगा दी है।
यही नहीं केमिस्ट के लिए एक-एक गोली का रिकार्ड रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। नई नीति से लगभग 4200 दवाओं की बिक्री करना अब अपराध के समान हो गया है।
एसोसिएशन के प्रवक्ता विकास रस्तोगी ने बताया कि हड़ताल के बाद सभी राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्ष, सांसदों और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ज्ञापन दिया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि देश भर के दवा व्यापारी उस दिन दुकानें बंद रखेंगे। अध्यक्ष गिरिराज रस्तोगी और प्रवक्ता विकास रस्तोगी ने बताया कि प्रदेश में 1.20 लाख दवा की फुटकर और थोक दुकानें हैं।
इनमें काम करने वाले, दुकान के मालिक और परिवार में शामिल लगभग दस लाख लोग लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी करेंगे।
इमरजेंसी दवा न मिले तो डायल करें 9415011041
लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन दवा की दुकानें बंद होने के चलते मरीजों की जान भी जोखिम में नहीं डालना चाहती।
इसके लिए नर्सिंग होम व अस्पतालों में खुली दवा की दुकानों को बंद में शामिल नहीं किया गया है। अध्यक्ष गिरिराज रस्तोगी ने कहा कि इमरजेंसी में मरीज को दवा भी उपलब्ध करायी जाएगी।
इसके लिए उन्होंने अपना मोबाइल नंबर 9415011041 जारी करते हुए कहा कि इमरजेंसी दवाओं के लिए उन्हें फोन कॉल की जा सकती है।