हैदगरढ़ (बाराबंकी)। सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे फोरलेन पर वाहनों से शुल्क वसूली के लिए बना टोल प्लाजा दो दिन से जनरेटर के भरोसे है। शुरू होने के कुछ घंटे में ही ग्रामीणों ने खेत से गई विद्युत लाइन का विरोध कर बिजली काट दी थी। अब प्लाजा के लिए अलग से लाइन बिछाई जाएगी इसके चलते काम जनरेटर से हो रहा है।
हैदरगढ़ इलाके में लखनऊ-सुल्तानपुर फोरलेन हाईवे पर बने टोल प्लाजा संचालन के लिए हैदरगढ़ ग्रामीण बिजली उपकेंद्र के त्रिवेदीगंज फीडर से जोड़ी गई थी। हाईवे निर्माण एजेंसी ने फीडर से करीब पंद्रह खंभे जोड़ कर प्लाजा के लिए नई लाइन का निर्माण किया था। लेकिन कई दिनों तक चले ट्रायल के बाद सोमवार को प्लाजा का संचालन शुरू होने के कुछ घंटे में ग्रामीणों ने खेत से गई बिजली का विरोध कर दिया तथा बिजली काट दी।
मौके पर पहुंचे पॉवर कॉरपोरेशन विभाग के अधिकारियों को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा है। बिजली बाधित होने पर टोल प्लाजा संचालन जनरेटर के सहारे किया जा रहा है। टोल प्लाजा से निशुल्क आवागमन की सुविधा नहीं मिलने पर लाइन का विरोध होने की चर्चा है। फोरलेन निर्माण एजेंसी के मैनेजर सचिन जैन ने बताया गोतौना के कुछ किसानों ने खेत से गई लाइन का विरोध किया है।
हाईवे के किनारे से टोल प्लाजा के लिए नई लाइन बनाई जा रह रही है। अवर अभियंता रामबालक वर्मा ने बताया ग्रामीणों के बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जांच की गई थी लेकिन किसान खेत से लाइन हटाने की मांग पर अड़े रहे। इससे अब टोल प्लाजा के लिए अलग से बिजली की लाइन का इंतजाम किया जा रहा है।