हाईकोर्ट के पुराने भवन के चारों ओर आज रास्ते बंद
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में निर्णय सुनाने के दौरान कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट भवन के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। हाईकोर्ट भवन के चारों ओर के रास्तों पर बैरीकेडिंग लगाकर बुधवार सुबह से फैसले की प्रक्रिया समाप्त होने तक ट्रैफिक प्रतिबंधित कर दिया गया है। कई मार्गों पर डायवर्जन किए गए हैं। इस दौरान सिर्फ एंबुलेंस, अग्निशमन और शव वाहन को ही आवागमन की अनुमति होगी। एडीसीपी यातायात पुर्णेंदु सिंह ने बताया कि यातायात में कोई समस्या आने पर संबंधित व्यक्ति हेल्पलाइन नंबर 9454405155 और 7311185508 पर संपर्क कर सकते हैं।
यातायात व्यवस्था में फेरबदल
-सीडीआरआई तिराहा, परिवर्तन चौक और सैय्यद शहीद पहलवान बाबा की मजार से स्वास्थ्य भवन चौराहा तथा किट नंबर चार से स्वास्थ्य भवन चौराहा की तरफ कोई वाहन नहीं आएगा।
-उच्च न्यायालय के गेट नंबर दो व तीन व अन्य रास्तों पर जाने को आयुक्त कार्यालय के बगल में स्थित हाईकोर्ट मोड़ वाले मार्ग का इस्तेमाल होगा।
-चकबस्त चौराहा होकर डीएम कार्यालय बार एसोसिएशन भवन राजस्व परिसर जाने के लिए रेजीडेंसी मोड़ वाले मार्ग का प्रयोग किया जाएगा।
-रोडवेज की सभी बसें रेजीडेंसी मोड़ से सीएमओ कार्यालय होते हुए कैसरबाग बस स्टेशन की ओर भेजी जाएंगी।
-उच्च न्यायालय के गेट नंबर छह से लगी गेट नंबर पांच व गेट नंबर सात की पार्किंग आरक्षित रहेगी। यहां सामान्य वाहन नहीं खड़े हो सकेंगे।
-परिवर्तन चौक से बीएसएनएल की तरफ जाने वाले वाहन अधिवक्ता स्मृति उपवन से पहले रानी लक्ष्मीबाई मार्ग पर ही सड़क के दोनों ओर खड़े होंगे।
-हाईकोर्ट के गेट नंबर छह से सैय्यद शहीद पहलवान बाबा की मजार तक कोई भी वाहन सड़क किनारे खड़ा नहीं किया जाएगा।
-मीडिया कवरेज के लिए आईं ओवी वैन स्वास्थ्य भवन चौराहे से दाएं गेट नंबर चार व पांच के बीच सड़क के फुटपाथ पर खड़ी की जाएंगी।
-विशेष फ्लीट और न्यायाधीश के वाहन वीवीआईपी गेस्ट हाउस से डीएसओ, हजरतगंज, परिवर्तन चौक, अवध क्लार्क, सीडीआरआई तिराहा, स्वास्थ्य भवन चौराहा होकर हाईकोर्ट के गेट नंबर छह से प्रवेश करेंगे।
अस्थायी जेल बनवाई गई
पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपियों के लिए अस्थायी जेल भी बनवाई गई है। विशेष न्यायालय जिन आरोपियों को सजा सुनाएगी, उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाएगा। यह समय पूरा होने के बाद दोषसिद्ध व्यक्तियों को स्थायी जेल भेजा जाएगा।