एटीएस ने टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार चार आरोपियों की सोमवार को सात दिन के लिए रिमांड हासिल कर ली है। खीरी के सीजेएम से रिमांड मंजूरी मिलने के बाद एटीएस टीम जिला कारागार से आरोपियों को अपने साथ ले आई। एटीएस अब आरोपियों से पूछताछ कर नेपाल के जरिए हो रही टेरर फंडिंग की गुत्थी सुलझाने की कोशिश करेगी।
एटीएस और लखीमपुर खीरी पुलिस ने शुक्रवार को नेपाल के रास्ते टेरर फंडिंग के सुनियोजित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बरेली निवासी समीर सलमानी, लखीमपुर खीरी निवासी उम्मेद अली, संजय अग्रवाल व एराज अली को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से भारतीय व नेपाली मुद्रा बरामद हुई थी। बरामद राशि उस 49 लाख रुपये का हिस्सा थी, जो कुछ समय पहले एक नेपाली बैंक की वेबसाइट हैक कर निकाली गई थी।
बाहर के देशों की मुद्रा को नेपाल के बैंकों में जमा करवाकर नेपाली मुद्रा को भारतीय मुद्रा में बदल कर इसका आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। गिरफ्तारी के समय एटीएस ने जो पूछताछ की थी उसमें चार और लोगों के नाम सामने आए थे जिनकी तलाश में एजेंसी जुटी हुई है।
अदालत में सोमवार सुबह 11.20 बजे चारों आरोपियों को पेश किया गया। केवल संजय अग्रवाल की ओर से आपत्ति दाखिल कर कहा गया कि उन्हें फर्जी तरीके से परेशान करने के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांग रही है।