कानून-व्यवस्था और अपराध की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए राज्य सरकार एक और प्रयोग करने जा रही है। इसके तहत जिस तरह वरिष्ठ आईएएस अफसरों को विकास व सरकारी योजनाओं की निगरानी के लिए नोडल अफसर बनाया गया था, वैसे ही अब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जिलों में नोडल अफसर बनाया गया है।
सरकार ने इस व्यवस्था से डीजी से लेकर डीआईजी स्तर तक के अधिकारियों को जोड़ा है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने मंगलवार को नई व्यवस्था को लेकर औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें सभी जिलों में एक-एक पुलिस अधिकारी को नोडल अफसर नामित किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिलों का नोडल अफसर नामित कर सरकार कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रही है।
डीजी एसएन साबत को अयोध्या और रेणुका को सीतापुर का जिम्मा
अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार स्टेट इंटेलीजेंस विभाग के डीजी भावेश कुमार सिंह को लखनऊ, डीजी नागरिक सुरक्षा संगठन जवाहर लाल त्रिपाठी को बाराबंकी, विशेष जांच शाखा के डीजी महेंद्र मोदी को बलरामपुर और डीजी होमगार्ड्स जीएल मीना को गोंडा का नोडल अफसर बनाया गया है।
वहीं, एडीजी एसएन साबत को अयोध्या, एडीजी पीसी मीणा को रायबरेली, एडीजी रेणुका मिश्रा को सीतापुर, एडीजी पियूष आनंद को सुल्तानपुर व एडीजी एलवी एटोनी देव कुमार को अमेठी का नोडल अफसर बनाया गया है। आईजी संजीव गुप्ता को अंबेडकरनगर, आईजी पद्मजा चौहान को बहराइच व आईजी नवनीत सिकेरा को श्रावस्ती का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।