वहीं, जब एसआईटी की जांच शुरू हुई थी, तब उसने अपने बयानों में गोपाल राव का भी नाम लिया था। एक तरह से अपनी भूमिका नकारते हुए अनिल व गोपाल राव को जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन अब तक इन दोनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसको लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
क्या विवेचना में बढ़ सकते हैं नाम
पुलिस टिन्नू व अन्य आरोपियों को जेल भेजने से पहले पूछताछ कर चुकी है। जल्द कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। ऐसे में सवाल है कि क्या पुलिस टिन्नू के बयानों के आधार पर अनिल व गोपाल राव का नाम केस में शामिल करेगी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस बयानों के आधार पर साक्ष्य जुटाएगी। पुख्ता साक्ष्य मिलने पर ये आरोपी विवेचना के दौरान बनाए जाएंगे।
कमीशनखोरी के मामले में कस सकता है शिकंजा
मामले में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनमें अनिल मिश्रा व गोपाल राव पर कमीशन के आरोप लगे हैं। कुछ गवाह भी हैं। एसआईटी ने इनके बयान लिए हैं। इसकी विस्तृत जांच जारी है। इस मामले में शिकंजा कस सकता है। वह विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही होगा।