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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: टिन्नू के खुलासे के बाद भी दो बड़े नाम कार्रवाई से बाहर, खामोशी पर उठ रहे बड़े सवाल

Sun, 28 Jun 2026 11:01 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

चोरी उजागर होने के करीब 10 दिन बाद टिन्नू यादव कैमरे के सामने आया था। गणना की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की बताई थी। वहीं एसआईटी के सामने गोपाल राव का भी नाम लिया था। इसके बावजूद इन दोनों पर कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया। इससे बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका का राजफाश हो चुका है। वह खुद इस खेल का मास्टरमाइंड रहा है। हैरत की बात है कि टिन्नू ने अपने वीडियो बयान में अनिल मिश्रा का नाम लिया था। स्पष्ट कहा था कि गणना की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की रहती थी। वहीं, एसआईटी के सामने उसने अनिल के साथ-साथ गोपाल राव का भी नाम लिया था। इसके बावजूद इन दोनों पदाधिकारियों पर कार्रवाई तो छोड़ो, सख्ती से पूछताछ तक नहीं की गई।

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चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों व उससे जुड़े लोगों ने चुप्पी साध ली थी। कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। लेकिन, करीब दस दिन बाद अचानक टिन्नू यादव ने एक वीडियो बयान जारी किया था। साथ ही कई टीवी चैनलों पर इंटरव्यू भी दिए थे, जिसमें वह खुद को निर्दोष बताता रहा था। साथ में कह रहा था कि दान की राशि की गणना व हिसाब-किताब की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की रहती थी। 

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वहीं, जब एसआईटी की जांच शुरू हुई थी, तब उसने अपने बयानों में गोपाल राव का भी नाम लिया था। एक तरह से अपनी भूमिका नकारते हुए अनिल व गोपाल राव को जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन अब तक इन दोनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसको लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

क्या विवेचना में बढ़ सकते हैं नाम

पुलिस टिन्नू व अन्य आरोपियों को जेल भेजने से पहले पूछताछ कर चुकी है। जल्द कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। ऐसे में सवाल है कि क्या पुलिस टिन्नू के बयानों के आधार पर अनिल व गोपाल राव का नाम केस में शामिल करेगी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस बयानों के आधार पर साक्ष्य जुटाएगी। पुख्ता साक्ष्य मिलने पर ये आरोपी विवेचना के दौरान बनाए जाएंगे।

कमीशनखोरी के मामले में कस सकता है शिकंजा

मामले में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनमें अनिल मिश्रा व गोपाल राव पर कमीशन के आरोप लगे हैं। कुछ गवाह भी हैं। एसआईटी ने इनके बयान लिए हैं। इसकी विस्तृत जांच जारी है। इस मामले में शिकंजा कस सकता है। वह विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
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