लखनऊ। रहमानखेड़ा के जंगल में शुक्रवार को जोन एक, दो व तीन में बाघ के पगचिह्न मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि बाघ जंगल में ही सक्रिय है। 78 दिन बीतने के बाद भी वन विभाग की टीमें बाघ को नहीं पकड़ सकी हैं।
रहमानखेड़ा में हथिनियों सुलोचना व डायना ने टीम के साथ जंगल के जोन-दो में कॉम्बिंग की। जंगल में सोलर पावर व एक ट्रैप कैमरा लगाकर बाघ को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। थर्मल ड्रोन से भी पूरे जंगल क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
डीएफओ सीतापुर नवीन खंडेलवाल व डीएफओ लखनऊ सितांशु पांडेय ने रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया।
पिंजरे से दूरी बना रहा बाघ
बाघ अब तक 22 शिकार कर चुका है। रहमानखेड़ा जंगल के चारों ओर लगाए गए पिंजरे के पास अभी तक बाघ नहीं आया है। वहीं, रोज नए पगचिह्न मिलने से संस्थान के वैज्ञानिकों में वन विभाग के प्रति आक्रोश दिख रहा है।